इस बार मनाएं समझदारी वाली दिवाली, इस पैटर्न में करें ऑफिस बोनस का इस्तेमाल, होगा डबल फायदा
दिवाली को महज 15 दिन बचे हैं. हर वर्ष दीपावली पर ज्यादातर कंपनियां अपने कर्मचारियों को बोनस देती हैं. यह बोनस हमारे लिए खुशियों का तोहफा भी होता है, साथ ही अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने का मौका भी.

हालांकि अक्सर होता यह है कि जैसे ही बोनस हाथ में आता है, हम शॉपिंग, नयी चीजें खरीदने और शौक पूरे करने में पैसा खर्च कर देते हैं. ऐसे में यह जानना महत्वपूर्ण है कि इस पैसे का स्मार्ट इस्तेमाल क्या हो सकता है.
स्मार्ट ढंग से बांटें: ठीक बैलेंस बनाएं
बोनस को खर्च करने का सबसे अच्छा तरीका ये है कि इसे दो हिस्सों में बांट लें – एक हिस्सा त्योहार मनाने के लिए और दूसरा भविष्य की जरूरतों के लिए. स्क्रिपबॉक्स के फाउंडर और CEO अतुल शिंगल के अनुसार बोनस का 50% हिस्सा त्योहार और लाइफस्टाइल पर खर्च करें और बाकी 50% म्यूचुअल फंड्स, रिटायरमेंट या ऋण चुकाने जैसे लॉन्ग-टर्म गोल्स के लिए रखें.
अगर आपके ऊपर अधिक जिम्मेदारियां हैं, तो तीन हिस्सों में बांट सकते हैं –
- जरूरतों के लिए- 30%
- इच्छाओं के लिए- 30%
- वेल्थ बनाने के लिए- 40%
हर किसी का तरीका अलग हो सकता है. फिनोवेट की को-फाउंडर और CEO नेहल मोटा कहती हैं, ‘अपने बोनस को अपनी जीवन के स्टेज के हिसाब से बांटें. यदि आपके ऊपर हाई-इंटरेस्ट ऋण है, तो 60-70% बोनस उसको चुकाने में लगाएं.’ जिनके पास फाइनेंशियल स्टेबिलिटी है, वो थोड़ा त्योहार में खर्च का हिस्सा बढ़ा सकते हैं, लेकिन पहले महत्वपूर्ण खर्चों को पूरा करें, फिर बाकी त्योहार मनाने पर.
सेलिब्रेशन के लिए बजट बनाएं
त्योहार की खुशी फाइनेंशियल टेंशन में न बदल जाए इसके लिए ठीक बजट बनाना महत्वपूर्ण है. शिंगल कहते हैं, ‘पहले अंदाजा लगाएं कि त्योहार में कितना खर्च होगा – गिफ्ट्स, घूमने-फिरने, सजावट, ट्रैवल और धार्मिक रस्मों पर.’ इस खर्च को अपने बोनस और रेगुलर इनकम के साथ मिलाकर देखें. इससे आपको एक फिक्स्ड बजट मिलेगा और आप बाकी पैसों को पहले ही निवेश में डालकर अपने गोल्स को प्रायोरिटी दे सकते हैं.
गलतियों से बचें, स्मार्ट ढंग से सेलिब्रेट करें
त्योहारों में ओवरस्पेंडिंग का खतरा हमेशा रहता है. नेहल कहती हैं, ‘बोनस को ‘एक्स्ट्रा’ पैसा समझकर फुंक न दें.’ क्रेडिट कार्ड या पर्सनल लोन लेकर शॉपिंग करना तो एकदम अवॉइड करें, क्योंकि इनके इंटरेस्ट रेट्स बहुत अधिक होते हैं और ये ऋण के जाल में फंसा सकते हैं.
बिना ऋण के सेलिब्रेशन के लिए क्रिएटिव ढंग अपनाएं. नेहल कहती हैं, ‘पॉटलक गैदरिंग्स करें, DIY डेकोरेशन बनाएं या अर्ली-बर्ड ट्रैवल डील्स का लाभ उठाएं.’ शिंगल के अनुसार ‘शॉपिंग लिस्ट पहले से तैयार करें और उसी पर टिके रहें. औनलाइन और ऑफलाइन स्टोर्स में कीमतें चेक करें, डिस्काउंट और कैशबैक ऑफर्स का इस्तेमाल करें.’
हाई-इंटरेस्ट ऋण चुकाएं
अपने बोनस का कुछ हिस्सा क्रेडिट कार्ड के बिल, पर्सनल लोन या किसी भी हाई-इंटरेस्ट ऋण को चुकाने में लगाएं. इससे भविष्य में आपका पैसा बचेगा. शिंगल राय देते हैं, ‘सबसे पहले अपने ऋण की लिस्ट बनाएं, सबसे अधिक इंटरेस्ट वाले ऋण को पहले चुकाएं.
यहां तक कि आंशिक पेमेंट भी लोन की अवधि और टोटल इंटरेस्ट को कम कर सकता है.’ यदि आपके पास महंगा ऋण है, तो नए निवेश से पहले इसे चुकाना प्रायोरिटी होनी चाहिए.
निवेश की स्ट्रैटजी
निवेश के लिए ऑप्शन्स आपकी जरूरतों पर निर्भर करते हैं. नेहल कहती हैं, ‘3 वर्ष से कम की अवधि के लिए लिक्विड फंड्स या रिकरिंग डिपॉजिट्स में निवेश करें. मीडियम से लॉन्ग-टर्म के लिए डायवर्सिफाइड इक्विटी म्यूचुअल फंड्स या इंडेक्स फंड्स चुनें.’
अपने पोर्टफोलियो में डायवर्सिफिकेशन के लिए सोवरेन गोल्ड बॉन्ड्स या गोल्ड ETF भी जोड़ सकते हैं. जरूरी है कि रिटर्न और लिक्विडिटी में बैलेंस बनाएं ताकि आपका शॉर्ट-टर्म पैसा रिस्क में न आए.
फाइनेंशियल फिटनेस के लिए लॉन्ग-टर्म अप्रोच
दिवाली बोनस आपके फाइनेंशियल गोल्स को तेजी से पूरा करने का मौका है. नेहल कहती हैं, ‘बोनस या तो एक सप्ताह की शॉपिंग में समाप्त हो सकता है या वर्षों तक आपके लिए काम कर सकता है. इसे फाइनेंशियल फिटनेस का बूस्टर समझें.’
शिंगल सुझाव देते हैं, ‘बोनस को बांटने की प्रक्रिया में परिवार को जरूर शामिल करें ताकि हर कोई मस्ती और अनुशासन के बीच बैलेंस समझे.’ इस तरह समझदारी से खर्च और स्मार्ट निवेश के साथ आपका दीपावली बोनस न केवल त्योहार को खास बनाएगा, बल्कि आपके भविष्य को भी बेहतर बनाने के काम आ सकता है.

