जर्मन टेक ग्रुप Siemens ने वर्कफोर्स में की कटौती की घोषणा
जर्मन टेक ग्रुप Siemens ने वर्कफोर्स में कटौती की घोषणा की है. कंपनी 5 हजार के लगभग कर्मचारियों को कंपनी से निकाल सकती है. यह छंटनी ग्लोबल लेवल पर की जाएगी. ये छंटनियां फैक्ट्री ऑटोमेशन क्षेत्र में की जाएंगी. कर्मचारियों को कम करने के कदम के पीछे कंपनी का मकसद बाजार में चल रहे संघर्ष से मुकाबला करना है. कंपनी के सीईओ रोलेंड बुश ने गुरूवार को इन छंटनियों की घोषणा की थी.

Siemens अपने कर्मचारियों की संख्या को 5 हजार तक घटाने जा रही है. सीईओ बुश का बोलना है कि कई बार री-इंजीनियरिंग करना भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब विकास आशा के अनुसार नहीं हो रहा हो. Reuters के मुताबिक, सीमेंस ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए बोला है कि कंपनी के मुनाफे में 46 फीसदी की कमी आई है. यह घाटा फ्लैगशिप डिजिटल इंडस्ट्रीज डिवीजन में कहा गया है. हालांकि कंपनी कुल कितनी जॉब्स को कम करेगी इसके बारे में परफेक्ट संख्या अभी नहीं बताई गई है. लेकिन मैनेजमेंट ने यह साफ कर दिया है कि कंपनी में रणनीति आधारित एडजस्टमेंट्स होना तय है और इसकी इस समय सबसे अधिक जरूरत है.
कंपनी ने वित्तीय साल 2024 की चौथी तिमाही के नतीजे पेश किए हैं. इनमें टेक कद्दावर ने वैश्विक भू-राजनीतिक और व्यापक आर्थिक चुनौतियों के असर पर रोशनी डाली है. लेकिन इन चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने रिपोर्ट किया है कि उसने प्रॉफिट इंडस्ट्रियल बिजनेस में बेहतर प्रदर्शन किया है. कंपनी ने 3.1 अरब यूरो का बिजनेस किया है जिसमें उसे 15.5% का प्रॉफिट मार्जन मिला.
सीईओ बुश ने आगे बोला कि यह वर्ष भू-राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों का वर्ष रहा है. अमेरिका में हुए चुनाव और जर्मनी में जो सियासी स्थिति चल रही है उसके मद्देनजर अभी इस तरह का संघर्ष आगे भी कंपनी के लिए चलता रह सकता है.
सीमेंस को आने वाले वर्ष यानी 2025 में सिर्फ़ हल्की व्यापक आर्थिक बढ़ोत्तरी की आशा है. व्यापार का संघर्ष, ओवर कैपिसिटी और घटती कंज्यूमर डिमांड मेन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए खतरा पैदा कर रही है. कंपनी का बोलना है कि वह लॉन्ग टर्म ग्रोथ पर फोकस कर रही है जिसके लिए वह वर्कफोर्स को कम करके बाजार में अपनी स्थिति को बैलेंस करने की प्रयास कर रही है.
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