7 दिन में ₹3,692 रुपए महंगा हुआ सोना, चांदी ₹1.46 लाख पार, जानें पूरी अपडेट
इस सप्ताह सोने-चांदी के दामों में बढ़त रही. इण्डिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक पिछले शनिवार यानी 27 सितंबर को सोना 1,13,262 रुपए पर था, जो अब (4 अक्टूबर) को 1,16,954 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है. यानी इस सप्ताह इसकी मूल्य 3,692 रुपए बढ़ी है.

वहीं, चांदी की बात करें तो ये पिछले शनिवार को 1,38,100 रुपए पर थी, जो अब 1,45,610 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है. इस तरह इस सप्ताह इसकी मूल्य 7,510 रुपए बढ़ी है.
इस वर्ष सोना ₹40,792 और चांदी ₹59,593 महंगी हुई
- इस वर्ष अब तक सोने की मूल्य करीब 40,792 रुपए बढ़ी है. 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए का था, जो अब 1,16,954 रुपए हो गया है.
- चांदी का रेट भी इस दौरान 59,593 रुपए बढ़ गया है. 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी की मूल्य 86,017 रुपए थी, जो अब 1,45,610 रुपए प्रति किलो हो गई है.
1.55 लाख रुपए तक जा सकता है सोना गोल्डमैन सैक्स की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, बैंक ने अगले वर्ष तक सोने के लिए 5000 $ प्रति औंस का टारगेट रखा है. मौजूदा एक्सचेंज दर के हिसाब से रुपए में यह लगभग 1,55,000 रुपए प्रति 10 ग्राम होगा. ब्रोकरेज फर्म पीएल कैपिटल के डायरेक्टर संदीप रायचुरा ने बोला कि सोना 1,44,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है.
5 बड़े कारण, जिससे सोने में तेजी के आसार दिख रहे हैं…
1. केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: दुनियाभर के बड़े बैंक $ पर निर्भरता कम करना चाहते हैं. इसलिए वे अपने खजाने में सोने का हिस्सा लगातार बढ़ाते जा रहे हैं.
असर: जब बड़े बैंक लगातार खरीदते हैं तो बाजार में सोने की मांग बनी रहती है और मूल्य ऊपर जाती है.
2. ‘ट्रम्प फैक्टर’ और नीति-अनिश्चितता: अमेरिका की नीतियों को लेकर अनिश्चितता है. फेडरल रिजर्व पर दखल की बातें डॉलर-बॉन्ड बाजार को कमजोर करती हैं.
असर: निवेशक सुरक्षित निवेश ढूंढते हैं और सोने की ओर भागते हैं. इससे सोने की कीमतें बढ़ने लगती हैं.
3. क्रिप्टो से सोने की ओर रुख: क्रिप्टो में उतार-चढ़ाव और कठोर नियमों के डर से निवेशक पैसा सोने में लगा रहे हैं. पिछले कुछ समय के दौरान हिंदुस्तान में शेयर बाजार से कम रिटर्न ने भी सोने को सुन्दर बना दिया.
असर: सोने की मांग में तेजी से कीमतें चढ़ जाती हैं.
4. डीडॉलराइजेशन: कई राष्ट्र $ का इस्तेमाल कम करके अपने आर्थिक मॉडल बदल रहे हैं. अमेरिका पर ऋण बढ़ रहा है और $ कमजोर हो रहा है.
असर: $ कमजोर होता है, तो सोने में तेजी आती है.
5. लॉन्ग-टर्म एसेट: सोना कभी भी पूरी तरह बेकार नहीं होता. यह नष्ट नहीं होता, सीमित मात्रा में है और महंगाई के समय अपनी मूल्य बचा लेता है.
असर: लंबे समय में सोना रखना ज्यादातर लाभ वाला है.

