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Gold Rate Alert! सोना-चांदी ने बनाए बड़े रिकॉर्ड, जानें विशेषज्ञ की राय…

सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर चल रही हैं. प्रमुख वैश्विक निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि सोने की कीमतों में लगभग 50% की भारी बढ़ोतरी हो सकती है. बैंक का मानना है कि पूरे विश्व में जारी जिओ पॉलिटिकल टेंशन और आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण सोना रिकॉर्ड ऊंचाइयों को छू सकता है.

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गोल्डमैन सैक्स की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, बैंक ने अगले वर्ष तक सोने के लिए 5000 $ प्रति औंस का एक बड़ा लक्ष्य तय किया है. मौजूदा एक्सचेंज दर के हिसाब से भारतीय मुद्रा में यह लगभग 1,55,000 रुपए प्रति 10 ग्राम होगा. यह सोने की मौजूदा बाजार मूल्य से काफी अधिक है.

1.44 लाख रुपए तक जा सकता है सोना ब्रोकरेज फर्म पीएल कैपिटल के डायरेक्टर संदीप रायचुरा ने बोला कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोना मौजूदा लगभग 1,14,000 रुपए प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,44,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है. 23 सितंबर 2025 को अमेरिकी स्पॉट गोल्ड 1,13,800 रुपए 10 ग्राम पर पहुंच गया, जो दो वर्ष पहले से लगभग दोगुना है.

सोने के रेट में लगातार छठे सप्ताह तेजी बनी हुई है. रूस समेत कई राष्ट्रों के बीच तनाव, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तीखी बयानबाजी और फेड रिजर्व द्वारा ब्याज दरें और घटाए जाने की आशा ने इस रुझान को तेज किया है.

इस वर्ष अब तक सोने ने 49% और चांदी ने 60% रिटर्न दिया घरेलू बाजार में शुक्रवार को 24 कैरेट सोना 1,13,261 रुपए प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,03,748 रुपए प्रति10 ग्राम पर बंद हुआ. वहीं, चांदी भी 1,060 रुपए महंगी होकर 1,38,100 रुपए प्रति किलो के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई.

इस वर्ष अब तक सोने ने 49% और चांदी ने 60% रिटर्न दिया है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की कविता चाको के अनुसार, शुरुआती सितंबर में कीमतें 6.7% बढ़ गईं, क्योंकि निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोना खरीदा.

5 बड़े कारण, जिससे सोने में तेजी के आसार दिख रहे हैं…

1. केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: दुनिया भर के बड़े बैंक $ पर निर्भरता कम करना चाहते हैं. इसलिए वे अपने खजाने में सोने का हिस्सा लगातार बढ़ाते जा रहे हैं.

असर: जब बड़े बैंक लगातार खरीदते हैं तो बाजार में सोने की मांग बनी रहती है और मूल्य ऊपर जाती है.

2. ‘ट्रम्प फैक्टर’ और नीति-अनिश्चितता: अमेरिका की नीतियों को लेकर अनिश्चितता है. फेडरल रिजर्व पर दखल की बातें डॉलर-बांड बाजार को कमजोर करती हैं.

असर: निवेशक सुरक्षित ठिकाना ढूंढ़ते हैं और सोने की ओर भागते हैं. इससे सोना की कीमतें बढ़ने लगती हैं.

3. क्रिप्टो से सोने की ओर रुख: क्रिप्टो में उतार-चढ़ाव और कठोर नियमों के डर से निवेशक पैसा सोने में लगा रहे हैं. पिछले कुछ समय के दौरान हिंदुस्तान में शेयर बाजार से कम रिटर्न ने भी सोने को सुन्दर बना दिया.

असर: सोने की मांग में तेजी से कीमतें चढ़ जाती हैं.

4. डीडॉलराइजेशन: कई राष्ट्र $ का इस्तेमाल कम करके अपने आर्थिक मॉडल बदल रहे हैं. अमेरिका पर ऋण बढ़ रहा है और $ कमजोर हो रहा है.

असर: $ कमजोर होता है, तो सोने में तेजी आती है.

5. लॉन्ग-टर्म एसेट: सोना कभी भी पूरी तरह बेकार नहीं होता. यह नष्ट नहीं होता, सीमित मात्रा में है और महंगाई के समय अपनी मूल्य बचा लेता है.

असर: लंबे समय में सोना रखना ज्यादातर लाभ वाला है.

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