Budget 2025: बजट में इन बड़े मामलों में राहत दे सकती है सरकार
Budget 2025: देश के लाखों वरिष्ठ नागरिकों को राहत की बरसात हो सकती है। गवर्नमेंट वर्ष 2025 के बजट में कई तरह की छूट देने का प्रावधान कर सकती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2025 को केंद्रीय बजट पेश करेंगी। वर्ष 2025 के आगमन के साथ ही वरिष्ठ नागरिकों के लिए कर राहत की संभावनाओं पर चर्चा अभी से ही प्रारम्भ हो गई है। वर्तमान में, वरिष्ठ नागरिकों के लिए इनकम टैक्स छूट सीमा 3 लाख रुपये है, जबकि 80 साल से अधिक उम्र के सुपर सीनियर सिटीजन्स के लिए यह सीमा 5 लाख रुपये है।

संसद में उठ चुकी है कर छूट की मांग
द इकोनॉमिक टाइम्स हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, संसद में वरिष्ठ नागरिकों के लिए इनकम टैक्स छूट सीमा बढ़ाने की मांग उठी है। लोकसभा सदस्य एटाला राजेंद्र गवर्नमेंट से पूछ चुके हैं कि क्या वरिष्ठ नागरिकों को 7.5 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कर छूट और 7.5 लाख से 10 लाख रुपये तक की आय पर 5% कर रेट प्रदान करने की योजना है।
निवेश योजनाओं में समाप्त हो सकती है लॉक-इन पीरियड
पैसा बाजार डॉट कॉम के अनुसार, वरिष्ठ नागरिकों के लिए निवेश योजनाओं में लॉक-इन पीरियड को कम करने या खत्म करने की मांग भी की जा रही है। वर्तमान में, टैक्स-सेवर फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) जैसी योजनाओं में 5 साल की लॉक-इन अवधि होती है। इससे निवेशक इस अवधि के दौरान अपने पैसे को नहीं निकाल सकते।
लॉक-इन पीरियड हटने से वरिष्ठ नागरिकों की सुधरेगी वित्तीय स्थिति
वरिष्ठ नागरिकों के लिए कर छूट सीमा बढ़ाने और निवेश योजनाओं में लॉक-इन अवधि को कम करने से उनकी वित्तीय स्थिति में सुधार हो सकता है। बढ़ती महंगाई और चिकित्सा खर्चों के मद्देनजर यह जरूरी है कि वरिष्ठ नागरिकों को अधिक वित्तीय स्वतंत्रता और सुरक्षा प्रदान की जाए। हालांकि, गवर्नमेंट की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
बजट 2025 पर टिकी हैं वरिष्ठ नागरिकों की निगाहें
बजट 2025 में वरिष्ठ नागरिकों के लिए कर राहत और निवेश योजनाओं में सुधार की संभावनाओं पर सभी की निगाहें टिकी हैं। यदि गवर्नमेंट इन मांगों को स्वीकार करती है, तो यह वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक जरूरी राहत होगी।

