‘मुझे कुछ नहीं पता’, भारत के सीधे जवाब पर ट्रंप का उल्टा जवाब, आखिर क्या छुपा रहा है अमेरिका…
World News: ये बयान उन्होंने White House में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया। ANI ने ट्रंप से प्रश्न किया कि, अमेरिका रूस से केमिकल और खाद क्यों खरीद रहा है, इस पर ट्रंप ने उत्तर दिया कि, मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है, हमें इसकी जांच करनी होगी।
पूर्व राजदूत ने क्यों किया ट्रंप का विरोध?
संयुक्त देश में अमेरिका की पूर्व राजदूत निक्की हेली ने राष्ट्रपति ट्रंप के रूसी ऑयल पर भारी टैक्स लगाने के निर्णय की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने बोला कि, Donald Trump ने चीन को छूट दे दी है और उन्हें हिंदुस्तान जैसे मजबूत दोस्त के साथ संबंध खराब करने से बचना चाहिए। हेली ने X पर पोस्ट में बोला कि, चीन जो अमेरिका का विरोधी है वह रूस और ईरान के ऑयल का सबसे बड़ा खरीदार है, फिर भी ट्रंप ने चीन पर 90 दिनों तक टैक्स नहीं लगाने का निर्णय किया है।
भारत पर कितना बढ़ेगा टैक्स?
Reuters News Agency के मुताबिक, ट्रंप ने मंगलवार को बोला कि वह आने वाले 24 घंटों में हिंदुस्तान से आने वाले सामानों पर टैक्स को 25 प्रतिशत से बढ़ा देंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि हिंदुस्तान लगातार रूस से ऑयल खरीद रहा है। रॉयटर्स के अनुसार, Trump ने CNBC को दिए साक्षात्कार में कहा, वो वॉर मशीन को बढ़ावा दे रहे हैं और यदि वह ऐसा करते रहेंगे तो मैं खुश नहीं रहूंगा। आगे उन्होंने बोला कि, हिंदुस्तान के साथ मुख्य टकराव था कि उसके टैरिफ बहुत अधिक थे, लेकिन उसने कोई नयी टैरिफ दर नहीं दी।
भारत को लेकर ट्रंप ने क्या कहा?
सोमवार को अमेरिकी प्रेसिडेंट ने बोला था, हिंदुस्तान बड़ी मात्रा में Russia से ऑयल खरीद रहा है उसपर अमेरिका टैरिफ को बढ़ा देगा। ट्रंप ने ये भी बोला कि, हिंदुस्तान ऑयल खरीदकर बड़ें मुनाफे के लिए खुले बाजार में बेच रहा है। ट्रंप ने ये बात अपने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म Truth Social पर कही। हालांकि हिंदुस्तान ने अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान को तुरंत ही खारिज किया। विदेश मंत्रालय ने बोला कि, हिंदुस्तान को निशाना बनाना गलत और बिना सोचे-समझे किया गया काम है।
भारत ने क्या दिया जवाब?
बयान में विदेश मंत्रालय ने बोला कि हिंदुस्तान ने रूस से ऑयल खरीदना तब शुरु किया जब युद्धी की वजह से यूरोप के राष्ट्र अधिक ऑयल खरीदने लगे। उस समय अमेरिका ने स्वयं ही हिंदुस्तान को रूस से ऑयल खरीदने के लिए बोला था जिससे दुनिया के बाजार में ऑयल की मूल्य स्थिर बनी रहे। विदेश मंत्रालय ने आगे बोला कि, जहां तक अमेरिका का प्रश्न है वह अपने परमाणु उद्योग के लिए रूस से यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड, पैलेडियम का आयात जारी रखा है। हिंदुस्तान ने आगे बोला कि, वह अपने राष्ट्र के लाभ और आर्थिक सुरक्षा को बचाने के लिए हर वो कदम उठाएगा जो महत्वपूर्ण है।


