Income Tax: मिडिल क्लास इस बार इनकम टैक्स में राहत की कर रहा है उम्मीद
Budget 2024: 1 फरवरी को राष्ट्र का बजट पेश किया जाएगा। अब बस केवल कुछ दिन का ही प्रतीक्षा रह गया है। हमेशा की तरह इस बार भी नौकरीपेशा लोगों को बजट से काफी उम्मीदें हैं। इस बार चुनाव की वजह से गवर्नमेंट अंतरिम बजट पेश करेगी। अंतरिम बजट होने की वजह से अधिक बड़े ऐलानों की आसार नहीं है। वहीं, मिडिल क्लास इस बार आयकर में राहत की आशा कर रहा है।

पिछले वर्ष वाले बजट में केंद्र गवर्नमेंट ने टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी थी। गवर्नमेंट ने न्यू टैक्स रिजीम के अनुसार 7 लाख रुपये की तक की आमदनी वालों को टैक्स न देने का घोषणा किया था। इसके साथ ही बजट-2023 में गवर्नमेंट ने न्यू टैक्स स्लैब भी पेश किया था। अभी अब से राष्ट्र के टैक्सपेयर्स के पास में न्यू टैक्स स्लैब और ओल्ड टैक्स स्लैब 2 ऑप्शन हैं।
न्यू टैक्स रिजीम स्लैब-
>> 0 से 3 लाख पर जीरो टैक्स
>> 3 से 6 लाख पर 5 प्रतिशत टैक्स
>> 6 से 9 लाख पर 10 प्रतिशत टैक्स
>> 9 से 12 लाख पर 15 प्रतिशत टैक्स
>> 12 से 15 लाख पर 20 फीसदी
2020 में आया था न्यू टैक्स स्लैब
केंद्र गवर्नमेंट ने वर्ष 2020 में न्यू टैक्स स्लैब पेश किया था। उस समय पर ज्यादातर टैक्सपेयर्स को यह टैक्स स्लैब पसंद नहीं आया था। इसके बाद गवर्नमेंट ने वर्ष 2023 के बजट में इसके टैक्स स्लैब में परिवर्तन कर दिए। अभी अब न्यू टैक्स रिजीम में 5 टैक्स स्लैब हैं। इसमें 7 लाख तक की इनकम पर कोई भी टैक्स नहीं है। न्यू टैक्स रिजीम के अनुसार बेसिक डिडक्शन लिमिट को बढ़ाकर 3 लाख कर दिया गया है।
2023 में हुए ये बदलाव-
>> न्यू टैक्स रिजीम में गवर्नमेंट ने वर्ष 2023 में कुछ परिवर्तन किए थे।
>> बेसिक छूट की सीमा 2.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी गई थी।
>> रिबेट के साथ टैक्स छूट की सीमा अब 5 लाख रुपये से बढ़कर 7 लाख रुपये कर दी गई।
>> इसके अतिरिक्त स्टैंडर्ड डिडक्शन के तौर पर 50,000 रुपये की टैक्स छूट मिल रही है।
>> इस हिसाब से देखें तो न्यू टैक्स रिजीम में कुल 7.5 लाख रुपये तक की इकनम पर कोई टैक्स नहीं है।
ओल्ड टैक्स रिजीम में 5 लाख तक की आयकर फ्री
इसके अतिरिक्त यदि ओल्ड टैक्स रिजीम की बात की जाए तो इसमें 5 लाख तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं देना होता है। ओल्ड टैक्स रिजीम में टैक्स अधिनियम की धारा 80सी के अनुसार 1.5 लाख तक के निवेश पर टैक्स छूट मिलती है। वहीं, इस टैक्स स्लैब में टैक्सपेयर को 6.5 लाख तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं देना होता है। ओल्ड टैक्स रिमीज में 2.5 लाख तक की इनकम पर टैक्स नहीं देना होता है।

