पेट्रोल में 20% से ज्यादा इथेनॉल मिलाने की योजना पर चर्चा कर रहा है भारत
सरकार आने वाले समय में पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने के अपने लक्ष्य को बढ़ाकर 20 फीसदी से अधिक करने पर विचार कर रही है. इसके लिए नीति आयोग के अनुसार एक समिति का गठन किया गया है. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप एस पुरी ने बुधवार को इस बात की जानकारी दी. पीटीआई की समाचार के मुताबिक, पेट्रोलियम मंत्री ने बोला कि 19.6 फीसदी मिश्रण पहले ही हासिल किया जा चुका है. गुवाहाटी में एडवांटेज असम 2.0 बिजनेस समिट में बोलते हुए उन्होंने बोला कि हम जैव ईंधन में 20 फीसदी से अधिक मिश्रण करने पर विचार कर रहे हैं.

देश में 1,700 करोड़ लीटर मिश्रण की क्षमता
खबर के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री ने बोला कि हमने 2026 तक 20 फीसदी मिश्रण का लक्ष्य रखा था, लेकिन हम पहले ही 19.6 फीसदी हासिल कर चुके हैं. मुझे विश्वास है कि हम अगले महीने 20 फीसदी तक पहुंच जाएंगे. पुरी ने बोला कि राष्ट्र में 1,700 करोड़ लीटर मिश्रण की क्षमता है और पहले ही 1,500 करोड़ लीटर का इस्तेमाल किया जा रहा है. हिंदुस्तान द्वारा विभिन्न प्रकार के ईंधन आयात पर 150 अरब अमेरिकी $ खर्च किए जाने के साथ, उन्होंने बोला कि एक क्षेत्र जहां ध्यान की कमी है, वह है ग्रीन हाइड्रोजन. मंत्री ने बोला कि ग्रीन हाइड्रोजन की मूल्य वर्तमान में 4.5 अमेरिकी $ है. यदि आप इसे 2.5 अमेरिकी $ के करीब ला सकते हैं, तो एक क्रांति होगी.
बड़े पैमाने पर परिवर्तन देखेंगे
पुरी ने बोला कि आने वाले समय में हम पारंपरिक ईंधन से ग्रीन हाइड्रोजन की ओर बड़े पैमाने पर परिवर्तन देखेंगे. हर राष्ट्र स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ रहा है, लेकिन इसे अर्थव्यवस्था की चुनौतियों और मांगों से बचकर करना होगा. हिंदुस्तान जैसी अर्थव्यवस्था के लिए 6-7 फीसदी की वृद्धि के लिए ईंधन की आवश्यकता है. हमें स्वच्छ भविष्य के लिए वर्तमान में जीवित रहने की जरूरत है. पुरी ने बोला कि सभी जीवाश्म ईंधन उत्पादन कंपनियां 2045 तक शुद्ध शून्य हासिल कर लेंगी, भले ही हिंदुस्तान के पास विकास संबंधी चुनौतियां हों.
प्रतिदिन हो रहा 5. 5 मिलियन बैरल कच्चे ऑयल का उपयोग
पेट्रोलियम मंत्री ने बोला कि ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर किसी राष्ट्र का मूल्यांकन उसकी ऊर्जा खपत के आधार पर किया जाएगा. यदि ऊर्जा खपत धीमी हो रही है, तो इसका मतलब है कि अर्थव्यवस्था ने खतरे का संकेत देना प्रारम्भ कर दिया है. मंत्री ने बोला कि हम 5. 5 मिलियन बैरल रोजाना कच्चे ऑयल का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो पहले 5 मिलियन बैरल था. मुझे लगता है कि हिंदुस्तान अल्पावधि से मध्यम अवधि में 6. 5-7 मिलियन बैरल की खपत करेगा. हाइड्रोकार्बन की खोज और उत्पादन (ईएंडपी) पर पुरी ने बोला कि 2030 तक उत्पादन 5 मिलियन टन तक पहुंचने की आसार है.

