INDIA Vs BHARAT: इसरो का नाम बदलकर बिसरो करना कठिन
INDIA Vs BHARAT: G20 से संबंधित रात्रिभोज के निमंत्रण पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ‘प्रेसीडेंट ऑफ हिंदुस्तान (भारत के राष्ट्रपति)’ के तौर पर संबोधित किए जाने को लेकर बड़ा सियासी टकराव खड़ा हो गया। विपक्ष ने इल्जाम लगाया कि गवर्नमेंट राष्ट्र के दोनों नामों इण्डिया और हिंदुस्तान में से इण्डिया को बदलना चाहती है। सूत्रों ने G20 से संबंधित कुछ दस्तावेजों में राष्ट्र के नाम के रूप में हिंदुस्तान का इस्तेमाल किए जाने की पुष्टि करते हुए बोला कि यह सोच-समझकर लिया गया फैसला है। G20 प्रतिनिधियों के लिए तैयार की गई एक पुस्तिका में बोला गया है, हिंदुस्तान राष्ट्र का आधिकारिक नाम है। इसका उल्लेख संविधान और 1946-48 की चर्चाओं में भी किया गया है। हिंदुस्तान द मदर ऑफ डेमोक्रेसी’ शीर्षक वाली पुस्तिका में यह भी बोला गया है, भारत, जो इण्डिया है, उसमें शासन में लोगों की सहमति लेना प्राचीन समय से जीवन का हिस्सा रहा है। इण्डिया वर्सस हिंदुस्तान एक जो यह टकराव देखते ही देखते सोशल मीडिया पर भी तूल पकड़ने लगा। अब आम जनता भी इसे लेकर माइक्रो ब्लॉगिंग प्लैटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर तरह-तारक की टिप्पणियां करनी प्रारम्भ कर दी।

सोशल मीडिया पर चलता रहा चर्चा का दौर
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से प्रेषित G20 रात्रिभोज के निमंत्रण पत्र में उन्हें प्रेसिडेंट ऑफ हिंदुस्तान संदर्भित किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा का दौर चलता रहा और लोग इस बात पर चुटीली टिप्पणियां करते रहे कि क्या राष्ट्र का नाम सिर्फ़ हिंदुस्तान कर दिया जाएगा। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने प्रश्न किया कि क्या भारतीय स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (इसरो), रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया (आरबीआई) जैसे संस्थानों के नाम भी बदल दिये जाएंगे।
इसरो का नाम बदलकर बिसरो करना कठिन
अभिनेता मनोज कुमार की फिल्म ‘पूरब और पश्चिम’ का गीत ‘भारत कर रहने वाला हूं, हिंदुस्तान की बात सुनाता हूं। ‘X’ पर हैशटैग ‘भारत’ (हिंदी और अंग्रेजी दोनों में) के साथ ट्रेंड करता रहा। ‘एक्स’ पर एक यूजर ने लिखा, सबसे मुश्किल काम इसरो का नाम बदलकर बिसरो करने के बारे में सोचना है। एक अन्य यूजर्स ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, बीसीसीआई का पूरा नाम अब ‘भारत कंट्रोलिंग क्रिकेट इंटरनेशनली’ कर दिया जाएगा। पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने एक्स पर लिखा, मैं हमेशा से मानता रहा हूं कि ऐसा नाम होना चाहिए जिस पर हमें गर्व हो। हम भारतीय हैं, इण्डिया नाम अंग्रेजों ने दिया और हमारा आधिकारिक नाम ‘भारत’ किये जाने का लंबे समय से प्रतीक्षा था।

