ITR फॉर्म: सीबीडीटी ने जारी किए ITR-2 और ITR-3 फॉर्म
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इनकम टैक्स रिटर्न के लिए नए फॉर्म जारी किए हैं। इसके लिए सीबीडीटी ने ई-गजट में अधिसूचना भी जारी कर दी है। आईटीआर-2 फॉर्म उन लोगों को भरना होगा जिन्हें पूंजीगत फायदा आय प्राप्त हुई है और वे आईटीआर-1 फॉर्म नहीं भर सके हैं। इसके अतिरिक्त आईटीआर-3 फॉर्म उन लोगों को भरना होगा जिनकी आय बिजनेस या प्रोफेशन से है। इन दोनों फॉर्म को भरने की अंतिम तारीख 31 जुलाई, 2024 तय की गई है। यदि करदाता को आयकर ऑडिट कराना है और बिजनेस से आय अर्जित की है, तो आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर, 2024 होगी।
इन लोगों के लिए होगा आईटीआर फॉर्म-2
जिन व्यक्तियों या हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) ने आईटीआर-1 फॉर्म दाखिल नहीं किया है, उन्हें आईटीआर-2 दाखिल करना होगा। ऐसे आदमी या एचयूएफ जिनके पास व्यवसाय या पेशे के फायदा और फायदा से आय नहीं है। साथ ही, उन्हें किसी साझेदारी फर्म से ब्याज, वेतन, बोनस या कमीशन के नाम पर कोई फायदा और आय प्राप्त हुई हो। साथ ही, यदि उनकी आय में किसी अन्य आदमी जैसे पति/पत्नी, नाबालिग बच्चे आदि की आय जोड़ी जाती है, तो ऐसे लोगों को ITR-2 भरना होगा।
कुछ नए नियम जोड़े गए हैं
नए नियमों के मुताबिक, ITR-2 फॉर्म भरने के लिए लीगल एंटिटी आइडेंटिफायर (LEI) की जानकारी देनी होगी। एलईआई एक 20 अंकों का अद्वितीय कोड है। यह अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली में आपकी पहचान बना सकता है। इसके अतिरिक्त किसी सियासी दल को दिए गए चंदे का पूरा ब्योरा और किसी विकलांग आदमी के उपचार पर हुए खर्च का ब्योरा भी ऑडिट में दिखाना होगा। इसके बाद, आदमी या एचयूएफ टैक्स ऑडिट कराने के लिए ईवीसी के साथ आईटीआर को सत्यापित भी कर सकता है।
इन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत
नौकरीपेशा लोगों को आईटीआर-2 भरने के लिए फॉर्म 16ए की आवश्यकता पड़ेगी। यदि उसने एफडी या सेविंग एकाउंट पर मिले ब्याज पर टीडीएस चुकाया है तो उसका सर्टिफिकेट देना होगा। इसके अतिरिक्त फॉर्म 26AS भी देना होगा। किराए की रसीदों, शेयरों या प्रतिभूतियों से पूंजीगत फायदा पर लाभ/हानि विवरण की भी जरूरत होगी। साथ ही संपत्ति से प्राप्त किराए का विवरण और हानि की स्थिति में संबंधित डॉक्यूमेंट्स भी जमा करने होंगे।

