जानें कैसा होगा जोंगा का मॉडिफाइड वर्जन…
जबलपुर। यदि आपको राष्ट्र में कहीं भी जोंगा जीप दिख जाए, तब आंख बंद कर आप इसका श्रेय मध्यप्रदेश की जबलपुर व्हीकल फैक्ट्री को दे सकते हैं। क्योंकि जोंगा जीप इंडियन आर्मी का एकमात्र ऐसी ऑफ रोड व्हीकल है, जो जबलपुर व्हीकल फैक्ट्री में तैयार हुआ है और खूबियों के कारण इंडियन आर्मी की पहली पसंद है। दरअसल, जोंगा का पूरा नाम जबलपुर ऑर्डिनेंस और गन गैरिज असेंबली है। जबलपुर की व्हीकल फैक्ट्री ने सन 1969 से 1999 तक सेना के लिए बड़े स्तर पर जोंगा बनाया था, लेकिन बाद में इसकी स्थान जिप्सी ने ले ली।

दो दशक के बाद एक बार फिर जोंगा जीप का मॉडिफाई वर्जन तैयार किया जा रहा है। व्हीकल फैक्ट्री के प्लांट में पहले चरण में तीन जीपों को मॉडिफाई किया जा रहा है। इसके ट्रायल रन के बाद बड़ी खेप में जोंगा का मॉडिफाई वर्जन तैयार किया जाएगा। दुर्गम और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर दौड़ने वाली जोंगा सेना का जरूरी वाहन बनकर उभरी। लिहाजा इसी को देखते हुए जोंगा का मॉडिफाई वर्जन तैयार करने का फैसला लिया गया। हालांकि, हर ढंग से इसकी क्षमता को भी बढ़ाया जा रहा है।
जोंगा का इस तरह हुआ था उपयोग
भारतीय सेना ने दो दशक पहले जोंगा का इस्तेमाल एम्बुलेंस, बंदूक वाहक गश्ती वाहन के रूप में खूब किया। लेकिन, अब मॉडिफाई वर्जन में इंजन की क्षमता, ग्राउंड क्लीयरेंस, सिटिंग सहित कई तकनीकी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नए वर्जन में व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर के पास जोंगा सहित अन्य वाहनों के उत्पादन और उनके रखरखाव के लिए विशेष टीम भी उपस्थित है। यह टीम टेक्निकल काम करते हुए जापानी इसुजु का स्वदेशी मॉडल तैयार कर रही है, जो सेना और अर्धसैनिक बलों के लिए यूटिलिटी व्हीकल में इस्तेमाल होगा।
इस तरह होगा जोंगा का मॉडिफाइड वर्जन
– इसके पहले जोंगा 6 सीटर का वाहन था, लेकिन मॉडिफाई होने के बाद यह 6 की स्थान 8 सीटर होगा।
– जोंगा का डिजाइन वीएफजे ने निसान कंपनी से लिया था, लेकिन मॉडिफाई होने के बाद वाहन का पूर्ण स्वदेशीकरण हो जाएगा।
– मॉडिफाई वर्जन में BS-6 के 150 एचपी का हैवी इंजन का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसमें तीन गति मैनुअल गियरबॉक्स होंगे।
– मोडिफाइड वर्जन में इंजन की पावर क्षमता को बढ़ाया जा रहा है, जिसके साथ ही अपडेट वर्जन मध्यम आकार का ऑफ रोड वर्जन होगा।

