बिज़नेस

Highways: जानें, एक्सप्रेसवे और एक्सेस-कंट्रोल हाईवे के बीच का बड़ा फर्क

देशभर में बनने वाले एक्सप्रेसवे ने यात्रा को काफी आसान बना दिया है, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होती है. इसी के साथ, कई जगहों पर एक्सेस-कंट्रोल हाईवे भी बनाए जा रहे हैं. हालांकि, एक्सप्रेसवे की तुलना में एक्सेस-कंट्रोल हाईवे की निर्माण गति कहीं अधिक तेज है. आइए, जानते हैं इसके पीछे की वजह.

Neet 35 1684931682

WhatsApp Group Join Now

कितने एक्सप्रेस वे बन रहे हैं

इस समय राष्ट्र में पांच एक्सप्रेसवे और 22 एक्सेस-कंट्रोल हाईवे का निर्माण चल रहा है. इसका मतलब है कि इस समय बन रहे कुल हाईवे में केवल 25 फीसदी हिस्सेदारी एक्सप्रेसवे की है, जबकि बाकी एक्सेस-कंट्रोल हाईवे हैं. गवर्नमेंट ने सभी एक्सप्रेसवे को 2025-26 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है. जबकि एक्सेस-कंट्रोल हाईवे 2026-27 तक बनकर तैयार हो जाएंगे.

कम एक्सप्रेसवे क्यों बनाए जा रहे हैं?

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इण्डिया (NHAI) के मुताबिक, एक्सप्रेसवे बनाना एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें सबसे बड़ी चुनौती भूमि अधिग्रहण (लैंड एक्विजिशन) होती है. ये प्रोजेक्ट आमतौर पर ग्रीनफील्ड होते हैं, यानी इन्हें नए सिरे से शहरी इलाकों से बाहर बनाया जाता है. दूसरी ओर, किसी भी मौजूदा हाईवे को अपग्रेड करके उसे एक्सेस-कंट्रोल हाईवे में बदला जा सकता है. जबकि एक्सप्रेसवे प्रारम्भ से ही इस मानक के मुताबिक बनाए जाते हैं.

इसके अलावा, एक्सप्रेसवे का निर्माण काफी महंगा पड़ता है. किसी मौजूदा हाईवे को अपग्रेड करने की तुलना में नया एक्सप्रेसवे बनाना अधिक खर्चीला और मुश्किल होता है. इसी वजह से गवर्नमेंट पूरी तरह से नए एक्सप्रेसवे बनाने के बजाय एक्सेस-कंट्रोल हाईवे पर अधिक ध्यान दे रही है. हालांकि, दोनों के निर्माण मानक भिन्न-भिन्न होते हैं, लेकिन इन दोनों में कुछ समानताएं भी होती हैं.

एक्सप्रेसवे और एक्सेस-कंट्रोल हाईवे में क्या अंतर है?

एक्सेस-कंट्रोल हाईवे में एंट्री प्वाइंट सीमित होते हैं, ठीक वैसे ही जैसे एक्सप्रेसवे में होते हैं. लेकिन दोनों के बीच कुछ मुख्य अंतर हैं. उदाहरण के लिए, किसी सामान्य हाईवे की लेन की चौड़ाई 3.5 मीटर होती है, जबकि एक्सप्रेसवे की लेन थोड़ी चौड़ी यानी 3.75 मीटर होती है.

इसी तरह, हाईवे के साइड शोल्डर (सड़क के किनारे मिट्टी से ढकी हुई जगह) की चौड़ाई 1.5 मीटर होती है, जबकि एक्सप्रेसवे में यह चौड़ाई 3 मीटर तक होती है.

अधिकतर हाईवे चार लेन के होते हैं और ये बड़े शहरों को जोड़ने के लिए बनाए जाते हैं. एक्सप्रेसवे का मकसद भी यही होता है, लेकिन आमतौर पर इनकी लंबाई अधिक होती है और ये अधिक रफ्तार के लिए डिजाइन किए जाते हैं.

Back to top button