जानें, आखिर भारत में पहली बार कब आया होगा मोबाइल, किसने की पहली मोबाइल कॉल…
First mobile phone call in India: आज भले ही आपके दोनों हाथ में स्मार्टफोन हो, कभी वक्त था जब किसी के हाथ में मोबाइल टेलीफोन का होना, उसकी आर्थिक सम्पन्नता का परिचय देता था। लेकिन आज ऐसा नहीं है। हिंदुस्तान में डिजिटल कम्युनिकेशन में इतनी तेजी से बढ़ोत्तरी हुआ है कि वो इस क्षेत्र में पूरी दुनिया में एक महशक्ति के रूप उभरा है। हिंदुस्तान में इस क्रांति के पीछे जिस कंपनी का सबसे ज्यादा सहयोग रहा है, वो रिलायंस है। दरअसल इस सेक्टर रिलायंस के उतने के बाद ही मोबाइल टेलीफोन और मोबाइल टेलीफोन से होने वाली कॉल सस्ती हुई। मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस जियो, दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी 5G दूरसंचार प्रदाता कंपनी है।

आपके मन में ये प्रश्न तो जरूर आता होगा कि आखिर हिंदुस्तान में मोबाइल पहली बार कब आया होगा। इसे किसने बनाया, तब इसकी क्या मूल्य थी और हिंदुस्तान में पहली बार मोबाइल टेलीफोन पर किसने बात की? आज भले ही आप पूरे राष्ट्र में फ्री कॉलिंंग का फायदा उठाते हैं। पर राष्ट्र में किए गए पहले मोबाइल टेलीफोन कॉल की कॉस्ट 8.4 रुपये प्रति मिनट थी। यदि मुद्रास्फीति के आधार पर इसका आज के पैसे में कैलकुलेशन करें तो ये लगभग 23 रुपये के बराबर होता है।
किसने किया हिंदुस्तान का पहला मोबाइल टेलीफोन कॉल?
भारत में पहला मोबाइल टेलीफोन कॉल पश्चिम बंगाल के तत्कालीन सीएम ज्योति बसु ने किया था। 31 जुलाई, 1995 को उन्होंने नोकिया हैंडसेट का इस्तेमाल करके हिंदुस्तान का पहला मोबाइल टेलीफोन कॉल तत्कालीन केंद्रीय संचार मंत्री सुख राम को किया था। इस कॉल ने इतिहास रच दिया और यहीं से राष्ट्र में डिजिटल संचार का एक नया युग प्रारम्भ हो गया। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता और राष्ट्रीय राजधानी नयी दिल्ली के बीच की गई ये कॉल मोदी टेल्स्ट्रा नेटवर्क पर की गई थी, जो हिंदुस्तान के बीके मोदी और ऑस्ट्रेलिया के टेल्स्ट्रा का एक संयुक्त उद्यम है।
कितनी थी एक कॉल की मूल्य ?
कॉल का चार्ज, डायनेमिक प्राइसिंग मॉडल पर निर्भर करता था, जिसकी लागत 8.4 रुपये प्रति मिनट (आज लगभग 23 रुपये) थी, जबकि पीक घंटों के दौरान शुल्क दोगुना होकर 16.8 रुपये प्रति मिनट हो जाता था। यदि मुद्रास्फीति को एडजस्ट करके देखें तो ये 170 रुपये हो जाता है।

