घरेलू स्टॉक मार्केट में अगले सप्ताह होगी रौनक या रहेगा दबाव जानें
घरेलू स्टॉक बाजार (stock market) में अगले हफ्ते काफी हलचल देखने को मिल सकता है। बाजार एक्सपर्ट्स का बोलना है कि अगले हफ्ते कंपनियों के तिमाही नतीजे, कच्चे ऑयल की कीमतें (crude oil price) और जियो पॉलिटिकल अनिश्चितता शेयर बाजार पर असर डालेंगे। इस हफ्ते आने वाली कद्दावर कंपनियों की कमाई की रिपोर्ट से बाजार की दिशा पर काफी असर पड़ेगा। पीटीआई की समाचार के मुताबिक,साथ ही विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियां भी बाजार में कारोबार को प्रभावित करेंगी।
विदेशी निवेशकों की गतिविधियां जरूरी होंगी
खबर के मुताबिक, स्वस्तिक इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के अध्ययन प्रमुख संतोष मीना का बोलना है कि हाल ही में लगातार बिकवाली के सिलसिले को देखते हुए विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियां जरूरी होंगी। क्योंकि अमेरिकी बॉन्ड में लगातार बढ़ोतरी और इज़राइल-हमास संघर्ष के चलते अनिश्चित माहौल के कारण विदेशी निवेशकों ने इस महीने अब तक भारतीय इक्विटी से लगभग 9,800 करोड़ रुपये निकाले हैं।
बीते हफ्ते बाजार हरे निशान में बंद हुआ
पिछला हफ्ते बाज़ार (stock market) में उथल-पुथल भरा था, जिसमें जरूरी घटनाएं और बहुत अधिक अस्थिरता देखने को मिली थी। बावजूद इसके, बाजार सकारात्मक रुख के साथ बंद हुआ, जिसका मुख्य कारण मजबूत घरेलू तरलता था। मध्य पूर्व संघर्ष पर चिंताएं जारी रहने के बावजूद, दूसरी तिमाही की आय पर सकारात्मक उम्मीदों और अंतरराष्ट्रीय बॉन्ड में नरमी से प्रेरित होकर, भारतीय बाजार ने सुस्त आरंभ से वापसी की।
सकारात्मक रुझान में थोड़ी कमी
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के अध्ययन प्रमुख विनोद नायर ने बोला कि अनुमान से अधिक अमेरिकी मुद्रास्फीति डेटा जारी होने और इसके परिणामस्वरूप ट्रेजरी पैदावार में बढ़ोतरी ने हफ्ते के आखिर तक सकारात्मक रुझान को थोड़ा कम कर दिया है। नायर ने बोला कि व्यापक आर्थिक मोर्चे पर, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) डेटा में जरूरी गिरावट और प्रभावशाली औद्योगिक उत्पादन जैसे घरेलू कारकों ने व्यापक आशा को बनाए रखने में सहायता की।
खुदरा महंगाई रेट घटकर तीन महीने के निचले स्तर पर
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में राष्ट्र की खुदरा महंगाई रेट घटकर तीन महीने के निचले स्तर 5 प्रतिशत पर पहुंच गई, जबकि फैक्ट्री आउटपुट 14 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, नायर ने बोला कि आईटी सेक्टर के कमजोर राजस्व के कारण नतीजे सीजन की कमजोर आरंभ और कच्चे ऑयल की कीमतों(crude oil price) में बढ़ोतरी ने व्यापक बाजार रुझान को प्रभावित किया

