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जानें, भारत में वैकल्पिक निवेश फंड का सबसे सटीक अपडेट

भारत में रियल एस्टेट सेक्टर ने वैकल्पिक निवेश फंड (एआईएफ) के शुद्ध निवेशों में दबदबा बनाए रखते हुए वित्त साल 2025 के नौ महीनों में 73,903 करोड़ रुपये का निवेश किया.

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एआईएफ निजी तौर पर एकत्र किए गए फंड हैं, जो निजी इक्विटी, हेज फंड और रियल एस्टेट जैसी गैर-पारंपरिक परिसंपत्तियों में निवेश करते हैं. यह अनुभवी निवेशकों के लिए हाई-रिस्क के साथ हाई-रिवॉर्ड का अवसर भी प्रदान करते हैं.

एनारॉक रिसर्च के अनुसार, संचयी शुद्ध एआईएफ निवेशों में रियल एस्टेट सेक्टर ने 15 फीसदी के साथ सबसे बड़ी हिस्सेदारी हासिल की, जिसमें वित्त साल 2025 की अप्रैल-दिसंबर अवधि में सभी क्षेत्रों के कुल 5,06,196 करोड़ रुपए में से 73,903 करोड़ रुपए रियल एस्टेट में निवेश किए गए.

एआईएफ निवेश से फायदा पाने वाले दूसरे क्षेत्रों में आईटी/आईटीईएस, फाइनेंशियल सर्विस, एनबीएफसी, बैंक, फार्मा, एफएमसीजी, रिटेल, रिन्यूएबल एनर्जी और अन्य शामिल हैं.

रिपोर्ट में बोला गया है, वित्त साल 2025 के 9 महीने के अंत तक रियल एस्टेट में एआईएफ निवेश 68,540 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त साल 2024 के अंत तक 73,903 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त साल 2025 की पहली तीन तिमाहियों में 8 फीसदी की सराहनीय वृद्धि है. इस गति के बने रहने और बढ़ने की आशा है.

पिछले दशक में बाजार में एक्टिव एआईएफ की संख्या 36 गुना बढ़ी है, जो 31 मार्च, 2013 तक 42 से बढ़कर 5 मार्च, 2025 तक 1,524 एआईएफ हो गई है, जिसमें 2019 से पांच गुना वृद्धि हुई है. वित्त साल 2013 और वित्त साल 2025 के बीच, एआईएफ में जुटाई गई प्रतिबद्धता में 83.4 फीसदी की सीएजीआर वृद्धि देखी गई है.

एनारॉक ग्रुप के क्षेत्रीय निदेशक और अनुसंधान प्रमुख प्रशांत ठाकुर ने कहा, पारंपरिक फंडिंग स्रोतों पर बढ़ती बाधाओं के बीच, एआईएफ रियल एस्टेट विकास के विभिन्न चरणों में पूंजी अंतराल को दूर करने के लिए एक इनोवेटिव फाइनेंसिंग मैकेनिज्म है, क्योंकि, वे घरेलू और विदेशी निवेशकों से पूंजी जुटाते हैं, इसलिए एआईएफ एक सस्टेनेबल और स्केलेबल फंडिंग इकोसिस्टम है.

उन्होंने बोला कि ब्लेंडेड फाइनेंस मॉडल, एआई-ड्रिवन रिस्क असेसमेंट और सुव्यवस्थित नियामक ढांचे को अपनाने से एआईएफ का असर और अधिक बढ़ जाता है. प्रतिबद्धताओं में यह उछाल मुख्य रूप से श्रेणी-II एआईएफ से जुड़ा है, जो पिछले पांच वित्तीय सालों में लगभग 80 फीसदी का सहयोग दे रहा है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि एआईएफ फंड जुटाने की गतिविधियों में घरेलू निवेशकों की हिस्सेदारी अभी भी अधिकतर है. हालांकि, श्रेणी-II एआईएफ में संतुलन बना हुआ है, जिसमें विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की भागीदारी लगभग बराबर है.

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