Lockdown Impact: कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन से भारत को भारी आर्थिक नुकसान का करना पड़ा सामना
Lockdown Impact: Covid-19 महामारी ने न सिर्फ़ पूरे विश्व में लोगों की जीवन को प्रभावित किया, बल्कि इसके कारण अर्थव्यवस्थाओं को भी गंभीर हानि हुआ। हिंदुस्तान में लॉकडाउन का असर बहुत गहरा था राष्ट्र को आर्थिक लिहाज से भारी हानि उठाना पड़ा। हिंदुस्तान गवर्नमेंट ने 25 मार्च 2020 को लॉकडाउन की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य कोविड-19 वायरस के प्रसार को रोकना था। हालांकि, इस कदम ने अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों को नष्ट कर दिया और हिंदुस्तान को भारी आर्थिक हानि का सामना करना पड़ा।

लॉकडाउन का आर्थिक प्रभाव
2020 में प्रकाशित आरबीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, हिंदुस्तान में लॉकडाउन के दौरान लगभग सभी प्रमुख औद्योगिक और वाणिज्यिक गतिविधियां थम गई थीं। निर्माण, विनिर्माण, यातायात, पर्यटन और खुदरा व्यापार जैसे क्षेत्रों में काम पूरी तरह से रुक गए। नतीजतन, राष्ट्र की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में भारी गिरावट आई। आरबीआई (आरबीआई) और नीति आयोग ने रिपोर्ट किया कि Covid-19 महामारी के कारण हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था में 23.9% की गिरावट आई, जो 2020 की पहली तिमाही में थी।
लॉकडाउन से 10 लाख करोड़ का नुकसान
बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, Covid-19 के दौरान लॉकडाउन की वजह से हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था को अनुमानित रूप से 10 लाख करोड़ रुपये तक का हानि हुआ। यह हानि विभिन्न उद्योगों के ठप होने के कारण हुआ था। इसके अलावा, कृषि और खुदरा क्षेत्र को भी जरूरी हानि हुआ। हालांकि, कृषि क्षेत्र कुछ हद तक लॉकडाउन के बावजूद चलने में सक्षम था। इसके अलावा, गवर्नमेंट ने आर्थिक गतिविधियों को फिर से प्रारम्भ करने के लिए कई राहत पैकेजों का घोषणा किया, लेकिन फिर भी अधिकतर उद्योगों की गतिविधियां सामान्य स्तर पर नहीं लौट पाई।
रोजगार के लिए दर-दर भटकते रहे मजदूर
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की एक रिपोर्ट-2020 के अनुसार, लॉकडाउन का सबसे बुरा असर रोजगार और श्रमिकों पर पड़ा. लाखों मजदूर और मजदूर अपनी दैनिक मजदूरी से जीविका चलाते थे, लेकिन लॉकडाउन के दौरान उनकी आय पूरी तरह से रुक गई. कई मजदूर अपने घरों को लौटने के लिए विवश हुए, जिससे रोजगार संकट गहरा गया. भारतीय श्रम मंत्रालय के अनुसार, महामारी और लॉकडाउन के कारण 12 करोड़ से अधिक लोग बेरोजगार हो गए थे और बेरोजगारी रेट 23.5% तक पहुंच गई थी।
व्यापार और खुदरा क्षेत्र
रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इण्डिया की रिपोर्ट-2020 के अनुसार, व्यापार और खुदरा क्षेत्र लॉकडाउन से सबसे अधिक प्रभावित हुआ था। शॉपिंग मॉल, रेस्टोरेंट, सिनेमा घर, होटल और पर्यटन उद्योग पूरी तरह से बंद हो गए थे। व्यापारों को भारी हानि हुआ और कई छोटे और मझोले व्यवसायों ने अपने दरवाजे बंद कर दिए। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, खुदरा क्षेत्र को लगभग 5 लाख करोड़ रुपये का हानि हुआ।
सरकार की राहत योजनाएं
सरकार ने महामारी और लॉकडाउन के असर को कम करने के लिए कई आर्थिक पैकेज और योजनाओं का घोषणा किया। पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर हिंदुस्तान पैकेज की आरंभ की, जिसमें विभिन्न उद्योगों के लिए राहत प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, मुद्रा योजना, किसान सम्मान निधि और GST में राहत जैसी कई योजनाएं लागू की गईं, जिससे कुछ राहत मिली। हालांकि, इन योजनाओं के बावजूद, लॉकडाउन के कारण हुआ हानि बहुत बड़ा था और इसे पूर्ण रूप से खत्म करने में समय लगेगा।

