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मस्क की इस सैटेलाइट इंटरनेट ने टेलीकॉम ऑपरेटर्स की बढ़ा दी टेंशन

Elon Musk की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस Starlink हिंदुस्तान में अपनी सेवाएं प्रारम्भ करने की तैयारी में है. Starlink को दूरसंचार विभाग (DoT) और नियामक (TRAI) की तरफ से हरी झंडी मिलने का प्रतीक्षा है. गवर्नमेंट ने हिंदुस्तान में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस के लिए स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए एडवाइजरी कमिटी गठित कर दी है. आवंटन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही सभी सर्विस प्रोवाइडर हिंदुस्तान में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा प्रारम्भ कर देंगे. एलन मस्क की Starlink सैटेलाइट इंटरनेट ने टेलीकॉम ऑपरेटर्स Jio, Airtel और Vi (Vodafone Idea) की टेंशन बढ़ा दी है.

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Jio ने टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया को लिखा पत्र

हाल ही में Jio ने दूरसंचार नियामक टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया को सैटेलाइट कम्युनिकेशन के पेपर्स को रिवाइज करने की अपील की है. राष्ट्र की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी ने नियामक को लिखे अपने पत्र में सैटेलाइट और टेरेस्टियल सर्विसेस को लेकर फेयर कम्पीटिशन रखने पर बल दिया है. पिछले महीने 27 सितंबर को सैटेलाइट स्पेक्ट्रम अलोकेशन को लेकर स्टेकहोल्डर्स की बैठक हुई थी, जिसमें टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया ने साफ किया था कि सैटेलाइट स्पेक्ट्रम का आवंटन बिना किसी नीलामी के किया जाएगा, जिसका टेलीकॉम ऑपरेटर्स ने विरोध किया था.

Jio को Airtel का साथ

पिछले दिनों आयोजित इण्डिया मोबाइल कांग्रेस पार्टी (IMC 2024) में एयरटेल के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने भी Jio द्वारा स्पेक्ट्रम आवंटन को लेकर उठाए गए प्रश्न का समर्थन किया है. Jio और Airtel दोनों ही कंपनियां हिंदुस्तान में सैटेलाइट नेटवर्क बाजार में उतरने वाली है. टेलीकॉम ऑपरेटर्स ने दूरसंचार नियामक (TRAI) को मौजूदा टेरेस्टियल सर्विसेज और सैटेलाइट सर्विसेज के बीच फेयर कम्पीटिशन रखे जाने के लिए स्पेक्ट्रम अलोकेशन को लेकर निवेदन की है.

एलन मस्क के अतिरिक्त Amazon भी अपने प्रोजेक्ट कुइपर (Project Kuiper) सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस को हिंदुस्तान में लाने की तैयारी में है. इन दोनों कंपनियों ने हिंदुस्तान में सैटेलाइट ब्रॉडबैंड के लाइसेंस के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) को आवेदन दिया है. सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सर्विस के लॉन्च होने के बाद हिंदुस्तान के टेलीकॉम सेक्टर में आने वाले कुछ वर्ष में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं.

पूरी दुनिया में लोकप्रिय है Starlink

एलन मस्क की स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस पूरी दुनिया में काफी लोकप्रिय है. Starlink सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस एलन मस्क के SpaceX कंपनी का हिस्सा है. स्टारलिंक ब्रॉडबैंड नेटवर्क धरती के लोअर ऑर्बिट में घूम रहे सैटेलाइट सिस्टम पर काम करता है. Starlink के जरिए यूजर्स को हाई गति ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराई जाती है. सैटेलाइट ब्रॉडबैंड के जरिए बिना किसी मोबाइल टावर या तार के हाई गति इंटरनेट पहुंचाई जाती है. सैटेलाइट पर बेस्ड इस सर्विस का सीधा फायदा खास तौर पर उन यूजर्स को होगा, जो बॉर्डर या पहाड़ी एरिया में रहते हैं. इन जगहों पर मोबाइल टावर की संख्यां बहुत कम है और ऑप्टिकल फाइबर पहुंचाना बहुत जटिल काम है.

खराब मौसम में बंद नहीं होगी सर्विस

Elon Musk की स्टारलिंक सर्विस को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इसमें खराब मौसम जैसे कि बारिश, कोहरे या फिर गर्मी का असर नहीं होगा. खराब मौसम के दौरान भी एलन मस्क की स्टारलिंक सर्विस हाई गति इंटरनेट उपलब्ध कराने में सक्षम होगी. सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सर्विस के लिए ऑपरेटर यूजर्स के घरों की छत पर एक डिश एंटीना इंस्टॉल करते हैं. इसके बाद सैटेलाइट के जरिए इंटरनेट सिग्नल रिसीव होता है. इस समय एलन मस्क की स्टारलिंक इंटरनेट सर्विस दुनिया के 36 राष्ट्रों में मौजूद है. स्टारलिंक हिंदुस्तान में जल्द से जल्द अपनी सर्विस प्रारम्भ करने की तैयारी में है.

 

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