नीरव मोदी ने लंदन की कोर्ट में प्रत्यर्पण केस पर फिर से सुनवाई की मांग की…
पंजाब नेशनल बैंक से फर्जीवाड़ा का आरोपी भगोड़ा हीरा व्यवसायी नीरव मोदी ने बोला है कि यदि उसे हिंदुस्तान भेजा गया तो जांच एजेंसियां पूछताछ के दौरान टॉर्चर करेंगी. इसको लेकर उसने लंदन की वेस्टमिंस्टर न्यायालय में प्रत्यर्पण मुकदमा पर फिर से सुनवाई की मांग की है, जो 23 नवंबर को हो सकती है.

हालांकि, मुद्दे से जुड़े एक अधिकारी ने कहा, ‘हमने इस मुद्दे में चार्जशीट दाखिल कर दी है. अभी उससे पूछताछ की आवश्यकता नहीं है. हमारी जांच लगभग पूरी हो चुकी है. उसे केवल मुकदमे का सामना करना है. यदि UK की न्यायालय पूछेगी तो हम फिर से भरोसा दे सकते हैं कि हिंदुस्तान लाने पर उससे कोई पूछताछ नहीं होगी. हम पहले भी ऐसा भरोसा दे चुके हैं.’
नीरव पर PNB से ₹6,498 करोड़ हड़पने का आरोप
नीरव पर पीएनबी से फर्जी ढंग से 6,498 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि हड़पने का इल्जाम है. नीरव ने सैकड़ों लेटर ऑफ अंडरटेकिंग का दुरुपयोग भी किया है. सभी जांच एजेंसियां इस बात पर एकमत हैं कि उससे पूछताछ की आवश्यकता नहीं है. नीरव को मार्च 2019 में अरैस्ट किया गया था. अभी वह UK कारावास में बंद है और उसे हिंदुस्तान लाने की कार्यवाही अभी पेंडिंग है.
भारत ने कहा- नया इल्जाम नहीं लगेगा
भारत ने UK को कहा है कि नीरव को मुंबई के आर्थर रोड कारावास की बैरक नंबर 12 में रखा जाएगा, जहां हिंसा, भीड़भाड़ या दुर्व्यवहार का कोई खतरा नहीं है और मेडिकल सुविधा भी मौजूद है. एजेंसियों ने UK को भरोसा दिया है कि नीरव पर कोई नया इल्जाम नहीं लगाया जाएगा.
6 वर्ष से लंदन की कारावास में बंद है नीरव
54 वर्ष के नीरव मोदी को 19 मार्च 2019 को प्रत्यर्पण वारंट पर अरैस्ट किया गया था. तत्कालीन UK गृह सचिव प्रीति पटेल ने अप्रैल 2021 में उसके प्रत्यर्पण का आदेश दिया था. वह करीब छह वर्ष से लंदन की कारावास में है.
नीरव के विरुद्ध तीन आपराधिक कार्रवाइयां चल रही
पंजाब नेशनल बैंक से फर्जीवाड़ा के मुद्दे में सीबीआई जांच कर रही है. प्रवर्तन निदेशालय का उस फर्जीवाड़ा की कमाई से मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा देख रही है और सीबीआई मुकदमा में सबूतों और गवाहों के साथ छेड़छाड़ का तीसरा मुकदमा चला रही है. नीरव ने उच्चतम न्यायालय तक अपने सारे कानूनी रास्ते आजमा लिए हैं और कई बार जमानत की अर्जी भी लगा चुका है. लेकिन भागने के जोखिम के चलते सभी खारिज हो गईं.

