अब स्मार्ट टीवी देखने वालों के साथ मनमानी नहीं कर पाएगा गूगल, सामने आया ये बड़ा मामला
अगर आप स्मार्ट टीवी देखते हैं तो अब आपका एक्सपीरियंस और बदलने वाला है। क्योंकि, स्मार्ट टीवी बाजार में गूगल का एकाधिकार समाप्त हो गया है। दरअसल, गूगल अब हिंदुस्तान में एंड्रॉयड टीवी पर स्वयं का ऑपरेटिंग सिस्टम चलाने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा। यह नियम हिंदुस्तान के प्रतिस्पर्धा नियामक (कम्प्टीशन रेगुलेटर) द्वारा पास किया गया है। दरअसल, Google ने अपने 4 वर्ष पुराने Android TV वाले मुद्दे को CCI के साथ 20.24 करोड़ रुपये में सेटल कर लिया है। कंपनी पर एंड्रॉइड टीवी सेगमेंट में अनफेयर बिजनेस प्रैक्टिस का केस दाखिल किया गया था।

यूजर्स पर क्या असर होगा?
पहले ज्यादातर टीवी में Google के ऐप्स, सिस्टम और Play Store पहले से इंस्टॉल होते थे, लेकिन इस निर्णय के बाद अब ऐसा महत्वपूर्ण नहीं है। स्मार्ट टीवी बाजार में गूगल के इस एकाधिकार समाप्त होने से जो उपभोक्ता गूगल के एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम और प्ले स्टोर को पसंद करते हैं, उन्हें अब खुदरा विक्रेताओं और ब्रांडों से यह जानना होगा कि किस टीवी में यह इंस्टॉल है और किसमें नहीं है? क्योंकि, अब अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम और ऐप स्टोर को स्मार्ट टीवी निर्माताओं के साथ साझेदारी करने की अनुमति होगी। फिलहाल, सभी ऐप सभी एप्लीकेशन स्टोर पर मौजूद नहीं हैं। Google Play और Amazon App Store टीवी यूजर्स के लिए सबसे ज़्यादा ऐप मौजूद कराते हैं
ये सारासर मनमानी
गूगल की इस मोनोपॉली के विरुद्ध 2 भारतीय वकीलों ने कम्पलेन दर्ज की थी कि Google ने स्मार्ट टीवी सेक्टर में छोटे प्लेयरों के लिए रास्ते बंद कर दिए हैं। क्योंकि, गूगल स्मार्ट टीवी बनाने वाली कंपनियों को विवश कर रहा कि वो उसी का सिस्टम और ऐप इस्तेमाल करें।
इससे दूसरे छोटे डेवलपर्स के लिए रास्ते बंद हो रहे थे। इस मुद्दे में CCI ने निर्णय सुनाते हुए इसे ‘डॉमिनेट पोजिशन का गलत इस्तेमाल’ माना और Google पर $2.38 मिलियन (लगभग 20 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया।

