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ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के शेयर में आई करीब 9% की तेजी

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मेकर ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के शेयर में शुक्रवार को करीब 9% की तेजी देखने को मिली. व्यवसायी सेशन समाप्त होने पर ये 4.27 रुपए (8.26%) बढ़कर 55.98 रुपए पर बंद हुआ.

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दरअसल कंपनी ने व्हीकल रजिस्ट्रेशन और सेल्स में धांधली पर सरकारी जांच की बात को नकारा है. ओला के इस बयान के बाद ही कंपनी के शेयर में यह तेजी देखने को मिली है.

गुरुवार को कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि ओला इलेक्ट्रिक, भारी उद्योग मंत्रालय और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की जांच के दायरे में है. दोनों मंत्रालयों ने कंपनी से जानकारी मांगी है.

मिनिस्ट्री ऑफ हेवी इंडस्ट्रीज ने 11 मार्च को और मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवेज ने 18 मार्च को कंपनी से डिटेल्स मांगी थीं. आरोपों के उत्तर में ओला ने बोला कि अभी उसके विरुद्ध कोई रेगुलेटरी या कानूनी कार्रवाई प्रारम्भ नहीं हुई है.

सेल्स में धांधली से जुड़ा है मामला

ओला इलेक्ट्रिक ने फरवरी 2025 में 25,000 इलेक्ट्रिक स्कूटर बेचने का दावा किया था, लेकिन सरकारी वाहन पोर्टल ‘वाहन’ पर इस अवधि में केवल 8,600 वाहनों के रजिस्ट्रेशन दर्ज हुए. इस अंतर को लेकर सरकारी मंत्रालयों ने कंपनी से जानकारी मांगी थी.

ओला ने कहा- अस्थायी बैकलॉग की वजह से परेशानी आई

ओला इलेक्ट्रिक ने फरवरी 2025 की सेल्स फिगर को लेकर बोला कि व्हीकल रजिस्ट्रेशन में अस्थायी बैकलॉग की वजह से यह परेशानी आई है. कंपनी ने बोला कि उसकी सेल्स मजबूत बनी हुई है और बैकलॉग को दूर करने के लिए काम चल रहा है.

कंपनी ने यह भी बोला कि पिछले तीन महीनों की एवरेज डेली सेल्स के मुकाबले अब प्रतिदिन रजिस्ट्रेशन 50% से अधिक हो गए हैं. फरवरी के बैकलॉग का 40% हिस्सा क्लियर किया जा चुका है. मार्च 2025 के अंत तक इसे पूरी तरह सुलझा लिया जाएगा.

व्हीकल रजिस्ट्रेशन प्रोसेस में देरी से आया बैकलॉग

ओला इलेक्ट्रिक ने दो नेशनल वेंडर्स के साथ अपने कॉन्ट्रैक्ट समाप्त किए थे, जो पहले व्हीकल रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया संभालते थे. इसके बाद कंपनी पर सेल्स को लेकर गलत जानकारी फैलाने के इल्जाम लगे थे.

32 स्टोर्स पर रेड में 50 से अधिक व्हीकल बरामद हुए

ओला के स्टोर्स पर देशभर में RTO कार्रवाई कर रही है. अब तक महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के 32 स्टोर्स पर रेड पड़ चुकी है. इसके अतिरिक्त राजस्थान में कुछ स्टोर्स पर भी कार्रवाई की गई है. इसमें 50 से अधिक इलेक्ट्रिक गाड़ियों के बरामद किया जा चुका है.

ओला के स्टोर पर 4 बार रेड हुई

  • 8 मार्च- देशभर में ओला के कई स्टोर्स पर छापेमारी की गई. ट्रेड सर्टिफिकेट नहीं होने के चलते कई स्टोर्स सील किए, इलेक्ट्रिक गाड़ियां बरामद की गईं.
  • 12 मार्च- मध्यप्रदेश के जबलपुर में 2 स्टोर पर RTO ने रेड मारी. इस दौरान ट्रांसपोर्ट ऑफिसरों ने 14 इलेक्ट्रिक व्हीकल्स बरामद किए.
  • 18 मार्च- इंदौर में 4 स्टोर पर छापा मारा. ट्रेड सर्टिफिकेट नहीं होने के चलते कारण बताओ नोटिस दिया गया.
  • 17 से 19 मार्च- महाराष्ट्र के मुंबई और पुणे में 26 स्टोर पर रेड हुई. इसमें 36 व्हीकल्स को बरामद कर नोटिस दिए गए.

दूसरी कंपनियों की कम्पलेन के बाद कार्रवाई

गुरुग्राम की प्रताप सिंह एंड एसोसिएट्स कंपनी ने ओला इलेक्ट्रिक और कुछ अन्य कंपनियों के विरुद्ध ट्रेड सर्टिफिकेट नहीं होने की कम्पलेन दर्ज कराई थी. कम्पलेन के बाद महाराष्ट्र के ट्रांसपोर्ट ऑफिसरों ने कार्रवाई की .

95% स्टोर पर नहीं है बेसिक सर्टिफिकेशन

ओला इलेक्ट्रिक ने 2022 से अब तक 4,000 स्टोर खोले हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से लगभग 3,400 शोरूम का ही डेटा मौजूद है. 3,400 में से 100 शोरूम ही ऐसे थे, जिनके पास मोटर व्हीकल्स एक्ट के अनुसार महत्वपूर्ण ट्रेड सर्टिफिकेट थे.

कंपनी के 95% से अधिक स्टोर में अनरजिस्टर्ड टू व्हीलर्स डिस्प्ले करने, बेचने और उनकी टेस्ट राइड ऑफर करने के लिए महत्वपूर्ण बेसिक सर्टिफिकेशन नहीं हैं.

ओला इलेक्ट्रिक ने कहा- कार्रवाई गलत और पक्षपातपूर्ण

मंगलवार की कार्रवाई पर ओला इलेक्ट्रिक के प्रवक्ता ने कहा कि कोई वाहन बरामद नहीं किया गया है. इससे पहले ओला ने जांच को गलत और पक्षपातपूर्ण कहा था. प्रवक्ता ने बोला था कई राज्यों में ओला के डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स और गोदामों में अनरजिस्टर्ड व्हीकल्स की इन्वेंट्री है.

ये मोटर व्हीकल एक्ट के दिशानिर्देशों का पूरी तरह से पालन करती है और महत्वपूर्ण मंजूरियां उपस्थित हैं. कंपनी ने स्टोर्स पर रेड को लेकर कोई जानकारी नहीं दी थी.

 

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