Pirated IPTV: आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं पायरेटेड कंटेंट के दर्शक, जानें क्या है मामला…
Pirated IPTV: यदि आप पायरेटेड कंटेंट देखते हैं तो आप न सिर्फ़ अवैध काम कर रहे हैं, बल्कि आप आतंकवाद को भी बढ़ावा देने में शामिल हो सकते हैं। आप यदि ये सोच रहे हैं कि गैरकानूनी स्ट्रीमिंग के ज़रिए आपको अपना पसंदीदा टीवी शो, लाइव स्पोर्ट्स या ब्लॉकबस्टर फ़िल्में आसानी और सस्ती कीमतों में पर मिल रही हैं तो ये इतना आसान नहीं है, क्योंकि इस सस्ते मनोरंजन के पीछे गंभीर खतरा छिपा है। आपको जाने-अनजाने में अपराध, आतंकवाद , ड्रग्स स्मगलिंग को बढ़ावा दे रहे हैं। दंग मत होइए, जिससे सस्ते कंटेंट को आप देख रहे हैं, उससे आने वाला पैसा इन्हीं कामों में इस्तेमाल हो रहा है।

कितना घातक है पायरेटेड कंटेंट
पायरेटेड कंटेंट भले ही आपको सस्ता मनोरंजन दे रहा हो, लेकिन इससे होने वाली कमाई कई बार आपके राष्ट्र के ही विरुद्ध इस्तेमाल हो जाती है। ये कमाई आतंकवादी संगठनों को ताकत देते हैं। आतंकवादी गतिविधियों को बल देते हैं। पायरेटेड कंटेंट के विरुद्ध जांच एजेंसियों अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी कार्रवाई करती रही है। कई डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाइव स्ट्रीमिंग के जरिये दिखाए जा रहे पायरेटेड कंटेंट और अवैध इंटरनेट प्रोटोकॉल टेलीविजन (IPTV) के नेटवर्क का पर्दाफाश होता रहा है। जांचकर्ताओं की ओर से अक्सर चेतावनी दी जाती रही है कि ऐसे कंटेंट देखने वाले व्यूअर्स आतंकवाद को बढावा दे रहे हैं। ऐसे व्यूअर्स को इस तरह के कंटेंट देखने से पहले सोचना चाहिए।
पायरेटेड कंटेंट घातक जाल
जांच और कानूनी कार्रवाइयों से उजागर हुए इस घातक जाल के केंद्र में बॉस आईपीटीवी है। ये आईपीटीवी दुनिया के सबसे बड़े गैरकानूनी आईपीटीवी नेटवर्कों में से एक है। बॉस आईपीटीवी स्टार हिंदुस्तान के प्रीमियम चैनल जैसे स्टार, सोनी, ज़ी, कलर्स और सन टीवी को हाईजैक कर रहा | इसके साथ ही वो नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम वीडियो, एचबीओ और एनबीसी जैसे ग्लोबल एंटरटेंनमेंट चैनलों के अतिरिक्त आईएलपी और फीफा विश्व कप जैसे ब्लॉकबस्टर खेल आयोजनों को भी स्ट्रीम करता है। बिना उचित लाइसेंस या अनुमति लिए ये अवैध ढंग से प्रसारण करती रही हैं।
कहां खर्च होता पायरेसी का पैसा
ये लोग एंड्रायड-लाइनेक्स आधारित सेट टॉप बॉक्स या स्मार्ट डिवाइस पर ऐप के माध्यम से सोशल मीडिया, वेबसाइट, ब्लॉग के जरिये ये पूरा धंधा चलाते हैं। लोगों को शुल्क से काफी कम दामों पर लोगों को प्रीमियम कंटेंट दिखाया जाता है। इस अवैध कमाई से होने वाले मुनाफ़े को ऑफशोर एकाउंट के जरिए क्राइम, ड्रग्स, आतंकवाद जैसे अपराधों में इस्तेमाल किया जाता है। कथित तौर पर यह पायरेसी गिरोह कई महाद्वीपों तक फैला हुआ है, जिससे अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और हिंदुस्तान के लाखों दर्शक प्रभावित हैं। इनसे मनोरंजन जगत को भारी हानि होता है। गैरकानूनीपायरेसी के कारण सालाना 20 से 30 करोड़ $ का भारी हानि होता है।
आपका डेटा भी चुराते हैं ये पायरेटेंड कंटेंट
इन पायरेटेड सर्विसेस के जरिए आपकी निजी जानकारी चुराई जाती है। आपके क्रेडिट, डेबिट कार्ड, पर्नसल डेटा की जानकारी चुरा लेते हैं, जिसका इस्तेमाल साइबर अपराध, कर चोरी और नशीला पदार्थों की स्मग्लिंग और यहाँ तक कि आतंकवाद को बढ़ावा देने में होता है। वर्ष 2021 में Yupp TV की कम्पलेन पर फरीदाबाद साइबर अपराध ब्रांच ने हिंदुस्तान में बॉस, आईपीटीवी के ऑपरेशंस पर छापेमारी की थी। इससे जुड़े कई लोगों को अरैस्ट किया था। यप टीवी ने अमेरिकी न्यायालय में मुकदमा दाखिल किया। न्यायालय ने ये भी बोला कि यदि कोई ग्राहक को पायरेडेट कंटेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसे कॉपीराइट उल्लघंन का गुनेहगार करार दिया जा सकता है। यदि गुनेहगार विदेशी नागरिक है तो उसे निर्नासन का सामना करना पड़ सकता है।
सामने आ चुके हैं कई मामले
इसी तरह से जांचकर्ताएं ने Boss IPTV समेत दर्जनों नेटवर्क जैसे कि Guru IPTV, Brampton IPTV, Tashan IPTV और पंजाबी IPTV का पर्दाफाश किया। YuppTV ने कठोर कजम उठाया और लोगों पर कार्रवाई की गई। Boss IPTV कनाडियन नागरिक हरपीत सिंह रंधावा के द्वारा चलाया जाता है। नेटवर्क ने कॉर्पोरेट स्टाइल अपराधी शामिल हैं, जो कई राष्ट्रों में टैक्स चोरी और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं। अगली बार जब आप पायरेटेड सामग्री स्ट्रीमिंग के बारे में सोचें, तो याद रखें: यह कोई सस्ता मनोरंजन नहीं है, बल्कि कहीं अधिक गंभीर और चिंताजनक काम कर रहे हैं।

