ख़त्म हुआ प्री-IPO का खेल, SEBI ने म्यूचुअल फंड्स को दिया ये साफ निर्देश
SEBI New Rule : सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इण्डिया (SEBI) ने म्यूचुअल फंड कंपनियों के प्री-IPO (Pre-IPO) प्लेसमेंट्स में निवेश करने पर रोक लगा दी है। SEBI ने बोला कि म्यूचुअल फंड अब सिर्फ़ एंकर इनवेस्टर वाले हिस्से या IPO के पब्लिक इश्यू में ही निवेश कर सकेंगे।

IPO के पब्लिक इश्यू में ही निवेश कर सकेंगे फंड हाउस
SEBI के मुताबिक, फंड हाउस सिर्फ़ एंकर निवेशक वाले हिस्से या IPO के पब्लिक इश्यू में ही निवेश कर सकेंगे। एंकर आवंटन IPO के आम जनता के लिए खुलने से एक दिन पहले होता है, जबकि प्री-आईपीओ प्लेसमेंट लिस्टिंग से कई सप्ताह या महीने पहले होता है। मौजूदा म्यूचुअल फंड नियमों के तहत, योजनाओं को लिस्टेड और लिस्ट होने वाली सिक्योरिटीज में निवेश करने की अनुमति है। प्री-IPO प्लेसमेंट किसी कंपनी के शेयरों के लिस्ट होने से काफी पहले होता है। इसलिए इस बात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है कि क्या म्यूचुअल फंड इनमें हिस्सा ले सकते हैं।
बता दें, प्री-आईपीओ प्लेसमेंट ऑफर डॉक्यूमेंट दाखिल करने के बाद होता है। फिर भी IPO में देरी हो सकती है या वो रद्द किया जा सकता है। ऐसे मामलों में निवेशकों को अनिश्चितकाल तक नॉन लिस्टेड शेयरों को अपने पास रखना पड़ सकता है, जबकि म्युचुअल फंडों को ऐसा करने की अनुमति नहीं है।
IPO की बहार!
म्यूचुअल फंड हाउसों को सेबी का निर्देश ऐसे समय में आया है जब हिंदुस्तान में IPO मार्केट में हलचल मची हुई है और आने वाले समय में कुछ बड़े IPO आने की आशा है। लेंसकार्ट, ICICI प्रूडेंशियल AMC, पाइन लैब्स, बोट, ग्रो और ओर्कला इण्डिया कुछ प्रमुख IPO हैं जिन पर प्राइमरी मार्केट के निवेशक निकट भविष्य में नजर गड़ाए हुए हैं।

