चीनी की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए बड़ा एक्शन लेने वाले हैं प्रो. नरेंद्र
कैली, कोलंबिया में 22 से 31 अगस्त तक आयोजित होने वाले तरराष्ट्रीय गन्ना प्रौद्योगिकीविदों की शताब्दी कांग्रेस पार्टी के दौरान चीनी उद्योग के प्रतिनिधियों को संबोधित करने के लिए कानपुर के प्रो। नरेंद्र मोहन को आमंत्रित किया गया है.

प्रो। नरेंद्र राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (NSI), कानपुर के पूर्व निदेशक और भारतीय शर्करा एवं जैव ऊर्जा निर्माता संघ के सलाहकार है. इस कांग्रेस पार्टी में 50 से अधिक राष्ट्रों के प्रतिनिधियों के भाग लेने की आसार है.
मिलों की दक्षता पर देंगे व्याख्यान
प्रो। मोहन “चीनी मिलों में दक्षतापूर्ण चीनी और हरित ऊर्जा के उत्पादन” पर प्रस्तुति देंगे. इसमें वो जरूरत और लाभप्रदता के मुताबिक चीनी और हरित ऊर्जा का उत्पादन करने की व्यावसायिक रणनीति के बारे में जानकारी दी जाएगी.
कांग्रेस में प्रो मोहन द्वारा वैश्विक चीनी जगत को भारतीय चीनी उद्योग द्वारा विभिन्न रूपों में हरित ऊर्जा का उत्पादन, जैसे जैव-बिजली, पेट्रोल में मिश्रण के लिए इथेनॉल और वाहनों में ईंधन के रूप में इस्तेमाल के लिए कंप्रेस्ड बायो गैस के उत्पादन के साथ साथ चीनी की मांग-आपूर्ति संतुलन प्राप्त करने में किए गए अनुकरणीय कार्य से अवगत कराया जाएगा.
सभी राष्ट्रों के सामने भिन्न-भिन्न चुनौतियां
दुनिया भर में भिन्न-भिन्न चीनी उत्पादक राष्ट्रों के सामने भिन्न-भिन्न चुनौतियां हैं और उन्हें बाजार की जरूरतों के हिसाब से चीनी उत्पादन और दूसरे उत्पाद, खास तौर पर हरित ऊर्जा, जिससे उन्हें आर्थिक और पर्यावरणीय स्थिरता हासिल करने में सहायता मिल सकती है के लिए भिन्न-भिन्न रणनीतियां अपनाने की आवश्यकता है.
इस बात पर बल देते हुए प्रो। नरेंद्र मोहन ने बोला कि संबोधन और उसके बाद होने वाली वार्ता के दौरान कुछ ऐसे व्यावसायिक मॉडल पर भी चर्चा की जाएगी, जिनसे वैश्विक चीनी उद्योग को लाभ मिलने की आशा है.

