RAJ RERA: बिल्डर कल्का होम डेवलपर्स प्रा. लि. को मिला ये महत्वपूर्ण निर्देश
राजस्थान रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने जरूरी आदेश में बिल्डर कल्का होम डेवलपर्स प्रा. लि. को निर्देश दिया है कि खरीदार राधा गौड़ को उसकी जमा की गई राशि ब्याज समेत वापस करे. यह आदेश 3 फरवरी 2025 को रेरा की चेयरपर्सन वीणु गुप्ता द्वारा जारी किया गया.

प्रकऱण के अनुसार शिकायतकर्ता राधा गौड़ ने कल्का द पर्ल हाउसिंग प्रोजेक्ट में फ्लैट नंबर K-407 (चौथी मंजिल) बुक किया था. इसकी कुल मूल्य ₹25,23,700 थी, जिसमें से उन्होंने बुकिंग राशि के रूप में ₹4,50,000 जमा किए थे. इसके बाद 24 जून 2015 को बिक्री अनुबंध (एग्रीमेंट टू सेल) किया गया. इस प्रोजेक्ट को 24 जून 2018 तक पूरा होना था.
शिकायतकर्ता ने समय पर ₹17,50,000 का भुगतान भी कर दिया था, लेकिन बिल्डर ने 2018 में फ्लैट का कब्जा नहीं दिया. जब काफी समय बीत गया और बिल्डर की ओर से कोई ठोस उत्तर नहीं मिला, तो खरीदार ने रेरा में कम्पलेन दर्ज करवाई और अपनी जमा राशि पर ब्याज समेत वापसी की मांग की.
रेरा ने इस मुद्दे में बिल्डर को कई बार नोटिस जारी किए, लेकिन कल्का होम डेवलपर्स की ओर से न तो कोई मौजूद हुआ और न ही कोई उत्तर दाखिल किया गया. इस पर रेरा ने मुद्दे की सुनवाई एकतरफा (ex-parte) करने का फैसला लिया.
सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता के वकील ऋषिराज महेश्वरी ने तर्क दिया कि बिल्डर ने फ्लैट का कब्जा देने में अनुबंध का उल्लंघन किया है, इसलिए उन्हें जमा की गई राशि वापस करनी चाहिए.
मामले की सुनवाई और मौजूद दस्तावेजों को देखने के बाद, रेरा ने बिल्डर को निर्देश दिया कि वह शिकायतकर्ता को जमा की गई राशि पर ब्याज सहित वापस लौटाए. ब्याज की गणना भारतीय स्टेट बैंक की उच्चतम ब्याज 11.10% की रेट से जून 2018 से भुगतान की तिथि तक की जाएगी.
रेरा के इस आदेश से उन ग्राहकों को राहत मिलेगी, जो लंबे समय से अपने फ्लैट का प्रतीक्षा कर रहे हैं और बिल्डरों की मनमानी का शिकार हो रहे हैं. जयपुर और अन्य शहरों में लंबित रियल एस्टेट प्रोजेक्ट से जुड़े ग्राहकों के लिए यह एक जरूरी निर्णय बताया जा रहा ह

