बिज़नेस

4 सितंबर से RBI की डिजिटल करेंसी को जोड़ा गया UPI के साथ

स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया ने आज यानी 4 सितंबर से रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया (RBI) की डिजिटल करेंसी को UPI के साथ जोड़ दिया है इसका मतलब यह है कि अब भारतीय स्टेट बैंक के कस्टमर्स भी डिजिटल करेंसी (e₹) का लेंन-देंन UPI के जरिए कर पाएंगे इसके लिए यूजर्स को ‘e-रुपी बाय SBI’ एप का डाउनलोड करना होगा बैंक के यूजर इसे अब किसी भी लेंन-देंन के लिए QR कोड स्कैन कर के कर सकते हैंNewsexpress24. Com sbi sbi upi 2022 rbi cbdc download 11zon 2023 09 04t180301. 071

WhatsApp Group Join Now

SBI से पहले राष्ट्र के 6 बड़े बैंक- यस बैंक, एक्सिस बैंक, HDFC, केनरा बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा ने इस सर्विस को लागू कर दिया है रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया (RBI) ने पिछले वर्ष दिसंबर में सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) प्रोग्राम लॉन्च किया था भारतीय स्टेट बैंक प्रोग्राम के पायलट प्रोजेक्ट में जुड़े बैंकों में से था

क्या है डिजिटल ई-रुपी (e₹)?
ई-रुपी, कागज करेंसी का डिजिटल रूप है, जो क्रिप्टो करेंसी की तरह ब्लॉक-चेन टेक्नोलॉजी पर बेस्ड है इसकी वैल्यू भी मौजूदा करेंसी के बराबर ही होता है यह 100, 200 या 500 रुपए के नोट की तरह ही गवर्नमेंट का एक लीगल टेंडर है, जिसे कोई लेने से इनकार नहीं कर सकता है e₹ को मोबाइल वॉलेट में रखा जा सकता है इसे रखने के लिए बैंक खाते की आवश्यकता नहीं होती है ये दो तरह की है- CBDC होलसेल और CBDC रिटेल

UPI से कैसे अलग है e-रुपी?
UPI से लेंन-देंन करने के लिए बैंक एकाउंट में पैसा होना महत्वपूर्ण है इसके लिए या तो आपको स्वयं फिजिकल करेंसी को एकाउंट में डिपॉजिट करना होगा या फिर कहीं से अपने बैंक एकाउंट में पैसे ट्रांसफर करवाना होगा इसका मतलब यह है कि किसी न किसी को एक बार तो फिजिकल करेंसी एकाउंट में डिपॉजिट करना ही होगा तभी ये ट्रांसफर पॉसिबल हो पाएगा लेकिन e-rupee में एक बार भी फिजिकल करेंसी को एकाउंट में नहीं डालना पड़ता है

जबकि, e-rupee लेंन-देंन में बैंक एकाउंट की आवश्यकता नहीं होती है RBI फिजिकल करेंसी की स्थान सीधे डिजिटल वॉलेट में पैसा (e₹) ट्रांसफर करता है इसका मतलब है कि आप अभी जिस तरह से अपने जेब या लेदर वॉलेट में नोट रखते है उसकी स्थान वॉलेट में e-rupee रखेंगे और लेंन-देंन कर सकेंगे ये डिजिटल वॉलेट बैंक की ओर से जारी किया जाता है

यहां यह लेना महत्वपूर्ण है कि अन्य पेमेंट सिस्टम जैसे Phone-pay, paytm, गूगल-पे में लेंन-देंन के बाद बैंक सेटलमेंट की आवश्यकता होती है, यानी इन प्लेटफॉर्म पर आपका लेंन-देंन कम से कम एक बैंक से होकर गुजरता है जबकि e₹ सीधे कैश की तरह QR कोड स्कैन कर के किया जा सकता है

100 का नोट छापने में 15-17 रुपए का खर्च
RBI के अनुसार, हिंदुस्तान में 100 रुपए के नोट को प्रिंट करने में 15-17 रुपए का खर्च आता है एक करेंसी नोट अधिक से अधिक चार वर्ष तक चलता है सेंट्रल बैंक को नए नोट छापने होते हैं जिनकी लागत करोड़ रुपए होती है वित्त साल 2021-22 में RBI ने 4.19 लाख अतिरिक्त नोट छापे थे जबकि डिजिटल करेंसी हल्की लागत में जारी किया जा सकता है

 

Back to top button