रिजर्व बैंक ब्याज दर में 0.25 फीसदी की कर सकता है कटौती
जीएसटी 2.0 के बचत उत्सव के बाद, राष्ट्र के मध्यम वर्ग को दीपावली और दशहरा से पहले एक और बड़ा तोहफा मिल सकता है. रिजर्व बैंक ब्याज रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती कर सकता है. इससे आपका होम लोन, बाइक लोन या पर्सनल लोन सस्ता हो सकता है. रिजर्व बैंक इस वर्ष पहले ही ब्याज रेट में 1 प्रतिशत की कटौती कर चुका है. मौद्रिक नीति समीक्षा की अगली बैठक 29 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच होगी. एसबीआई की अध्ययन रिपोर्ट में इस आसार का जिक्र किया गया है. रिपोर्ट में बोला गया है कि सितंबर में ब्याज दरों में कटौती करना उचित और तर्कसंगत है. इसके लिए आरबीआई सोच-समझकर वार्ता के बाद निर्णय ले सकता है. जून के बाद ब्याज दरों में कटौती की आसार अधिक है.

रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने इस वर्ष फरवरी में ब्याज दरों में कटौती का सिलसिला प्रारम्भ किया था. आरबीआई ने 7 फरवरी, 2025 को ब्याज रेट में 25 आधार अंकों की कटौती करके इसे 6.5% से 6.25% कर दिया था. मौद्रिक नीति समिति ने 9 अप्रैल को 25 आधार अंकों की और कटौती की और 6 जून 2025 को 50 आधार अंकों की कटौती की.
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के शोध-धन प्रबंधन प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा, “भारतीय शेयर बाजार में धीरे-धीरे तेजी जारी रहने की आसार है. इस सप्ताह, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती, अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती और अमेरिका-भारत व्यापार वार्ता को लेकर धारणा में सुधार के बाद खपत में तेजी की उम्मीदों को बल मिला. वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगले 12 महीनों में, म्यूचुअल फंड और एसआईपी की लगातार भागीदारी से हिंदुस्तान में 50-70 अरब $ के नए इक्विटी निवेश उत्पन्न होने की आशा है. फर्म ने बोला कि विदेशी निवेशकों की धारणा कई सालों के निचले स्तर पर होने के बावजूद, हिंदुस्तान वैश्विक बाजारों में सबसे मज़बूत संरचनात्मक विकास की कहानी. अपनी नवीनतम ‘लालच और भय’ रिपोर्ट में, जेफ़रीज़ ने 2025 को भारतीय इक्विटी के लिए स्वस्थ समेकन का साल कहा है.
जीएसटी 2.0 दे रहा है भरोसा
जीएसटी ढांचे के अनुसार कर स्लैब की संख्या चार (5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 फीसदी और 28 प्रतिशत) से घटाकर दो (5 फीसदी और 18 प्रतिशत) कर दी गई है. इसके साथ ही, गवर्नमेंट ने कई ऐसी वस्तुओं पर कर शून्य कर दिया है, जिन पर पहले 5, 12 या 18 फीसदी कर लगता था. वहीं, विलासिता की वस्तुओं पर 40 फीसदी कर निर्धारित किया गया है.
हो रहा है सस्ता: GST सुधारों के तहत, अल्ट्रा-हाई टेम्परेचर (यूएचटी) दूध, पनीर, छेना (पूर्व-पैक और लेबल वाला), पिज्जा ब्रेड, खाखरा, चपाती या रोटी, पराठा, कुलचा और अन्य ब्रेड पर GST रेट सोमवार से शून्य कर दी गई है, जिन पर पहले 5 फीसदी GST लगता था.
इसके अलावा, गवर्नमेंट ने एसी और रेफ्रिजरेटर आदि पर GST 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है. साथ ही, वाहनों पर कर कम किया गया है. 350 सीसी और उससे कम क्षमता वाली बाइक पर GST अब 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है.
जिन उत्पादों पर कर शून्य: मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन और स्टेशनरी वस्तुओं (शार्पनर, कॉपियर, नोटबुक, पेंसिल और अन्य उत्पाद) पर भी कर 12 फीसदी से घटाकर शून्य कर दिया जाएगा. साथ ही, पर्सनल स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर भी कर शून्य कर दिया गया है, जो पहले 18 फीसदी था.
स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा पर लगने वाला पूरा 18% GST खत्म कर दिया गया है. इसका मतलब है कि अब पर्सनल स्वास्थ्य और जीवन बीमा पॉलिसियाँ पहले से सस्ती हो गई हैं.

