सेंसेक्स और निफ्टी में आई तेजी
शेयर बाजार में आज यानी मंगलवार, 15 अप्रैल को बड़ी तेजी है. सेंसेक्स 1500 अंक से अधिक चढ़कर 76,650 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. निफ्टी में भी 450 अंक से अधिक की तेजी है, ये 23,300 के स्तर पर है.

सेंसेक्स के सभी 30 शेयरों में तेजी है. टाटा मोटर्स, HDFC बैंक, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, एयरटेल और रिलायंस में 4% तक की तेजी है. निफ्टी के सभी 50 शेयरों में तेजी है.
NSE के सेक्टोरल इंडाइसेज में सबसे अधिक तेजी ऑटो में 2.74%, रियल्टी में 2.65%, फाइनेंशियल सर्विसेज में 2.16%, प्राइवेट बैंकिंग में 1.95% और मेटल में 1.81% की है.
ग्लोबल बाजार में तेजी, विदेशी निवेशकों ने 2,519 करोड़ निकाले
- 14 अप्रैल को अमेरिका का डाउ जोन्स 312 अंक (0.78%), नैस्डेक कंपोजिट 107 अंक (0.64%) और S&P 500 इंडेक्स 42 अंक (0.79%) चढ़कर बंद हुए.
- एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 302 अंक (0.89%) चढ़कर 34,285 पर है. कोरिया के कोस्पी में 0.80% (19 अंक) की तेजी है, ये 2,475 पर कारोबार कर रहा है.
- चीन का शंघाई कंपोजिट में 0.30% की गिरावट है, ये 3,253 पर कारोबार कर रहा है. हॉन्गकॉन्ग के हैंगसेंग इंडेक्स में 0.15% की गिरावट है.
- 9 अप्रैल को विदेशी निवेशकों (FIIs) ने 2,519.03 करोड़ के शेयर बेचे. जबकि भारतीय यानी घरेलू निवेशकों (DIIs) ने 3,759.27 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे.
शुक्रवार को बाजार में रही थी बड़ी तेजी
हफ्ते के अंतिम व्यवसायी दिन यानी शुक्रवार (11 अप्रैल) को सेंसेक्स 1310 अंक (1.77%) की तेजी के साथ 75,157 के स्तर पर बंद हुआ. निफ्टी में भी करीब 429 अंकों की तेजी रही, ये 22,829 के स्तर पर पहुंच गया.
NSE के 50 शेयरों में से 46 में तेजी रही. मेटल सेक्टर सबसे अधिक 4.09%, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 3.19%, फार्मा 2.43%, ऑयल एंड गैस 2.20% और ऑटो 2.03% चढ़कर बंद हुए. कल (14 अप्रैल) अंबेडकर जयंती के चलते शेयर बाजार बंद था.
बाजार में तेजी की 2 वजह
1. अमेरिकी टैरिफ से 90 दिन की राहत:
9 अप्रैल को चीन को छोड़कर अन्य सभी राष्ट्रों पर रेसिप्रोकल टैरिफ को 90 दिनों के लिए टालने के अमेरिकी राष्ट्रपति के निर्णय के बाद वहां का बाजार 12% चढ़कर बंद हुआ था. वहीं अगले दिन सुबह यानी, 10 अप्रैल को एशियाई बाजारों में 10% तक की तेजी आई.
भारतीय बाजार कल यानी गुरुवार 10 अप्रैल को महावीर जयंती के कारण बंद था. इसीलिए आज अमेरिकी और एशिया के अन्य बाजारों में गिरावट के बावजूद भारतीय बाजार ऊपर है.
2. भारत-अमेरिका ट्रेड डील होने की उम्मीद:
90 दिनों की अस्थायी राहत से दोनों राष्ट्रों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के बारे में चल रही चर्चाओं को गति मिलने की आशा है. हिंदुस्तान के उल्टा चीन को टैरिफ़ में छूट नहीं दी गई है. इससे भारतीय एक्सपोर्टर्स को शॉर्ट टर्म में कॉम्पिटिटिव एडवांटेज मिल सकता है.

