Stock Market: जानें क्या अगले हफ्ते भी जारी रहेगा उतार-चढ़ाव…
Stock Market Prediction: शेयर बाजार में पैसा लगाने वालों को इस सप्ताह काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। यदि आप भी पैसा लगाने का प्लान बना रहे हैं तो उससे पहले ये जरूर जान लें कि अगले सप्ताह बाजार में किस तरह की हलचल देखने को मिल सकती है। घरेलू शेयर बाजारों की दिशा इस हफ्ते अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के ब्याज रेट पर फैसला से तय होगी। इसके अतिरिक्त ग्लोबल बाजारों का रुख और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार के लिए जरूरी रहेंगी। एक्सपर्ट ने यह राय जताई है।

पिछले सप्ताह छोटी और मझोली कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट, विदेशी फंड की निकासी और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे ऑयल की ऊंची कीमतों से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई थी।
रह सकता है उतार-चढ़ाव
एक्सपर्ट का बोलना है कि हफ्ते के दौरान दुनिया के कई केंद्रीय बैंक मौद्रिक नीति पर अपने रुख का घोषणा करेंगे। ऐसे में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव रह सकता है।
क्या है एक्सपर्ट की राय?
स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट के एक्सपर्ट प्रवेश गौड़ ने बोला है कि इस हफ्ते मौद्रिक नीति पर सभी का ध्यान रहेगा। फेडरल रिजर्व की दो दिन की नीतिगत बैठक 19 मार्च को प्रारम्भ होने जा रही है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक 20 मार्च को ब्याज दरों पर अपना निर्णय सुनाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त चीन एक वर्ष और पांच वर्ष के ऋण पर प्रमुख दरों की घोषणा करेगा।
बैंक ऑफ जापान 19 मार्च को ब्याज दरों पर लेगा फैसला
बैंक ऑफ जापान (BoJ) 19 मार्च को ब्याज रेट पर अपने फैसला की घोषणा करेगा। जापान 22 मार्च को ही मुद्रास्फीति के आंकड़े भी जारी करेगा। उन्होंने बोला कि इसके अतिरिक्त $ के मुकाबले रुपये की चाल, अमेरिकी बॉन्ड पर प्रतिफल और कच्चे ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर सभी की नजर रहेगी।
सेंसेक्स 1.99 फीसदी फिसला
पिछले हफ्ते बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,475.96 अंक या 1.99 फीसदी के हानि में रहा। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 470.2 अंक या 2.09 फीसदी टूट गया।
लोकसभा चुनाव पर रहेगी नजर
एक्सपर्ट का बोलना है कि निवेशकों का ध्यान अब आनें वाले लोकसभा चुनावों पर रहेगा। सात चरणों के लोकसभा चुनाव 19 अप्रैल से प्रारम्भ होने जा रहे हैं। मतों की गिनती चार जून को होगी। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के अध्ययन प्रमुख विनोद नायर ने बोला है कि आने वाले हफ्ते में अंतरराष्ट्रीय केंद्रीय बैंकों के मौद्रिक नीति फैसला पर निवेशकों का ध्यान रहेगा। फेडरल रिजर्व के साथ बैंक ऑफ जापान और बैंक ऑफ इंग्लैंड हफ्ते के दौरान ब्याज दरों पर अपने फैसला की घोषणा करेंगे।

