ईवी खरीदारों के लिए सब्सिडी और टैक्स में राहत रहेगी जारी
राष्ट्रीय राजधानी में ईवी खरीदारों को लाभ पहुंचाने के लिए दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति को फिर आगे बढ़ा दिया गया है. गुरुवार (28 नवंबर) को, दिल्ली गवर्नमेंट ने इसे चार महीने और बढ़ाने के अपने निर्णय का घोषणा किया. 2020 में इसकी आरंभ के बाद से संभवतः यह अंतिम बार बढ़ाया जा रहा है. ईवी नीति, जो प्रारम्भ में तीन वर्ष के लिए थी, को अब एक वर्ष से अधिक के लिए बढ़ा दिया गया है. और यह अगले वर्ष 31 मार्च तक खरीदे गए ईवी पर लागू होगी. इस अवधि के दौरान दिल्ली ईवी नीति के अनुसार ईवी खरीदारों के लिए सब्सिडी और टैक्स में राहत जारी रहेगी.

दिल्ली ईवी नीति को आगे बढ़ाने का निर्णय ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय राजधानी गंभीर प्रदूषण की चपेट में है. राज्य गवर्नमेंट वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए निजी और वाणिज्यिक क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की प्रयास कर रही है. मौजूदा नीति को जारी रखने का निर्णय उच्च प्रदूषण के बीच ईवी को बढ़ावा देने के मकसद से किया गया है. राज्य गवर्नमेंट एक नयी ईवी नीति भी तैयार कर रही है. जिस पर वर्तमान में हितधारकों के बीच चर्चा चल रही है.
दिल्ली की सीएम आतिशी ने गुरुवार को ईवी नीति को आगे बढ़ाने की घोषणा करते हुए बोला कि इससे प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने में सहायता मिलेगी. उन्होंने बोला कि दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण 2019-20 में 4 फीसदी से बढ़कर 12 फीसदी हो गया है, जो हिंदुस्तान के सभी शहरों में सबसे अधिक है. उन्होंने मौजूदा ईवी नीति को आगे बढ़ाते हुए घोषणा की, “नीति को 31 मार्च, 2025 तक बढ़ा दिया गया है. मैं सभी दिल्लीवासियों से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने का आग्रह करती हूं ताकि हम प्रदूषण से कारगर ढंग से लड़ सकें. दिल्ली गवर्नमेंट प्रदूषण के विरुद्ध इस युद्ध के लिए प्रतिबद्ध है और इलेक्ट्रिक वाहन नीति इस कोशिश का एक जरूरी हिस्सा है.”
दिल्ली ईवी नीति: इसके अनुसार क्या मिलता है
दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति राष्ट्रीय राजधानी में ईवी खरीदारों के लिए कई लाभ प्रदान करती है. इनमें इलेक्ट्रिक साइकिल की खरीद पर 5,500 रुपये तक की 25 फीसदी सब्सिडी, इलेक्ट्रिक रिक्शा के लिए 30,000 रुपये, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए 30,000 रुपये तक और इलेक्ट्रिक लाइट कमर्शियल वाहनों के लिए 30,000 रुपये तक की सब्सिडी शामिल है. इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों के लिए नयी ईवी पर 1.5 लाख रुपये तक का प्रोत्साहन भी प्रदान किया जाता है. नीति ने इलेक्ट्रिक कारों पर फायदा को पहले हजार यूनिट तक सीमित कर दिया था. यह देखना बाकी है कि क्या दिल्ली गवर्नमेंट इस फायदा को भी आगे बढ़ाएगी.
एक नयी और अपडेटेड नीति पर काम चल रहा है
दिल्ली जल्द ही एक नयी इलेक्ट्रिक वाहन नीति हासिल करने के लिए पूरी तरह तैयार है. राज्य गवर्नमेंट मौजूदा नीति को संशोधित करने की योजना बना रही है. दिल्ली गवर्नमेंट से आशा है कि वह नयी नीति में आक्रामक तरीका शामिल करेगी जिसमें राष्ट्रीय राजधानी में ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करना शामिल होगा.

