BSNL के नेट सब्सक्राइबर्स की संख्या में जारी है कमी
बड़ी टेलीकॉम कंपनियों Reliance Jio और Bharti Airtel ने जनवरी में नए मोबाइल सब्सक्राइबर्स हासिल किए हैं. सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल (BSNL) के नेट सब्सक्राइबर्स की संख्या में कमी जारी है. पिछले साल प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों के टैरिफ में बढ़ोतरी के बाद BSNL के सब्सक्राइबर्स की संख्या में कुछ महीनों तक बढ़ोतरी हुई थी. कंपनी का 5G नेटवर्क उपस्थित नहीं होने और 4G नेटवर्क की कम उपलब्धता से इसके सब्सक्राइबर्स घट रहे हैं.

टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इण्डिया (TRAI) के डेटा के अनुसार, भारती एयरटेल को जनवरी में लगभग 16.5 लाख नए सब्सक्राइबर्स मिले हैं. रिलायंस जियो ने लगभग 6.86 लाख नए सब्सक्राइबर्स जोड़े हैं. Vodafone Idea को 13.4 लाख यूजर्स और BSNL को लगभग 1.52 लाख यूजर्स का हानि हुआ है. जनवरी में ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर्स की कुल संख्या हल्की बढ़कर 9,451.6 लाख की थी. जनवरी के अंत में वायरलेस ब्रॉडबैंड बाजार में रिलायंस जियो का पहला जगह बरकरार था. इसके बाद भारती एयरटेल का दूसरा रैंक है.
रिलायंस जियो और भारती एयरटेल का वायरलेस ब्रॉडबैंड डेटा पिछले साल नवंबर के आंकड़ों पर आधारित है क्योंकि इन दोनों टेलीकॉम कंपनियों ने पिछले दो महीनों में महत्वपूर्ण फॉर्मेट में अपने सब्सक्राइबर्स की अपडेटेड संख्या की जानकारी नहीं दी है. BSNL के ब्रॉडबैंड यूजर्स की संख्या घटकर लगभग 3.15 करोड़ रह गई है. राष्ट्र में जनवरी के अंत में वायरलेस सब्सक्राइबर्स की कुल संख्या लगभग 0.05 फीसदी बढ़कर लगभग 115.1 करोड़ की थी. भारती एयरटेल और रिलायंस जियो के सब्सक्राइबर्स की संख्या में बढ़ोतरी के साथ ही एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) में भी ग्रोथ हुई है.
दुनिया में हिंदुस्तान उन चुनिंदा राष्ट्रों में शामिल हैं जहां टेलीकम्युनिकेशन सर्विसेज के लिए महंगा टैरिफ नहीं है. हालांकि, इस स्थिति में जल्द परिवर्तन हो सकता है. बड़ी टेलीकॉम कंपनियां इस साल के अंत तक टैरिफ में दोबारा बढ़ोतरी कर सकती हैं. हाल ही में एक मीडिया रिपोर्ट में इंटरनेशनल ब्रोकरेज फर्म Bernstein के एक एनालिसिस के हवाले से कहा गया था कि टेलीकॉम कंपनियां इस साल टैरिफ को 10-20 फीसदी तक बढ़ा सकती हैं. यह पिछले छह सालों में टैरिफ में चौथी बढ़ोतरी हो सकती है. पिछले साल जुलाई में टेलीकॉम कंपनियों ने टैरिफ को 25 फीसदी तक बढ़ाया था. इसके पीछे 4G नेटवर्क को मजबूत करने और 5G नेटवर्क के एक्सपैंशन के लिए टेलीकॉम कंपनियों की कैपिटल की आवश्यकता प्रमुख कारण था. <!–
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