भारी गिरावट के बीच ही निफ्टी का हुआ ये बुरा हाल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी और जीडीपी आंकड़ों से जुड़ी चिंताओं के बीच आज भारतीय शेयर बाजार में त्राहिमांम मच गया. शुक्रवार को लाल निशान में खुलने के बाद बाजार में बिकवाली हावी हो गई. जहां एक तरफ सेंसेक्स 900 अंक तक गिर गया, वहीं दूसरी ओर निफ्टी 50 भी शुरुआती कारोबार में 22,300 अंकों के नीचे पहुंच गया. आज सुबह 9.39 बजे के आसपास बीएसई सेंसेक्स 929 अंकों (1.25 प्रतिशत) की गिरावट के साथ 73,683 अंकों तक पहुंच गया और निफ्टी 273 अंक (1.21%) गिरकर 22,271 पर आ गया. फरवरी के अंतिम दिन, शुरुआती कारोबार के दौरान इस गिरावट की वजह से शेयर बाजार निवेशकों के करीब 5.8 लाख करोड़ रुपये डूब गए.

1 घंटे के अंदर शेयर बाजार निवेशकों के 5.8 लाख करोड़ रुपये स्वाहा
शुक्रवार को, शुरुआती कारोबार में बीएसई पर लिस्ट कंपनियों का कुल बाजार कैप 5.8 लाख करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 387.3 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया. आज निफ्टी आईटी इंडेक्स के शेयरों में 4% तक की भारी-भरकम गिरावट देखने को मिली. पर्सिस्टेंट सिस्टम्स, टेक महिंद्रा सबसे अधिक गिरने वाले शेयर रहे. इस बीच, निफ्टी ऑटो इंडेक्स 2% से अधिक की गिरावट के साथ खुला, जबकि निफ्टी बैंक, मेटल, फार्मा, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में भी 1 से 2% तक की गिरावट दर्ज की गई.
मजबूत हो रहे $ ने बढ़ाई हिंदुस्तान जैसे तमाम बाजारों की चिंता
डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी के बीच ट्रेड वॉर की बढ़ती चिंताओं के कारण अमेरिकी $ दुनिया की प्रमुख करेंसी के मुकाबले कई हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है. 6 प्रमुख करेंसी के मुकाबले $ का मूल्यांकन करने वाला अमेरिकी $ इंडेक्स शुक्रवार को बढ़कर 107.35 पर पहुंच गया. गौरतलब है कि हिंदुस्तान जैसे उभरते बाजारों के लिए $ का मजबूत होना अच्छा नहीं है, क्योंकि $ के मजबूत होने से विदेशी निवेश काफी महंगा हो जाता है और इक्विटी से पूंजी का जबरदस्त आउटफ्लो होने लगता है.

