वॉटरप्रूफ और वॉटर रेसिस्टेंट में होता है ये अंतर
आज के स्मार्टफोन्स काफी अधिक स्मार्ट हो चुके हैं. हर एक टेक कंपनी अपने यूजर्स को प्राइस रेंज के हिसाब से टेलीफोन में भर-भर के महत्वपूर्ण फीचर्स दे रही हैं. अब तो फोन्स इतने सेफ हो चुके हैं कि पानी पड़ने या फिर पानी में डुबोने पर भी ये खराब नहीं होते. हालांकि ये फीचर्स सभी फोन्स में नहीं होते. SmartPhone कंपनियां टेलीफोन को पानी से सेफ रखने के लिए भिन्न-भिन्न फीचर्स का इस्तेमाल करती हैं. यदि आप एक नया SmartPhone लेने जा रहे हैं तो आपको वॉटरप्रूफ और वॉटर रेसिस्टेंट के बीच का अंतर मालूम होना चाहिए.

अक्सर लोगों को लगता है कि वॉटर रेसिस्टेंट का फीचर टेलीफोन को वॉटरप्रूफ बनाता है तो बता दें कि ऐसा नहीं है. वॉटर रेसिस्टेंट फीचर वाला टेलीफोन पूरी तरह से वॉटरप्रूफ नहीं होता. इसलिए SmartPhone खरीदने से पहले इन्हें समझ लेना महत्वपूर्ण है.
क्या है वॉटर रेसिस्टेंट?
आपको बता दें कि वॉटर रेसिस्टेंट फीचर से लैस डिवाइस वॉटर प्रूफ नहीं होते. वॉटर रेसिस्टेंट का मतलब होता है कि इन डिवाइसेस को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यदि इनमें थोड़ा बहुत पानी बॉडी पर पड़ता है तो ये खराब नहीं होंगे. वॉटर रेसिस्टेंट SmartPhone हल्फी बारिश, पानी के छीटों को सरलता से सहन कर सकते हैं लेकिन यदि इनमें अधिक पानी पड़ा तो ये टेलीफोन तुरंत खराब हो जाएंगे. डिवाइस को वॉटर रेसिस्टेंट बनाने के लिए कंपनियां एक खास तरह के कोटिंग का इस्तेमाल करती हैं जिससे थोड़े बहुत पानी से टेलीफोन को बचाया जा सके. ऐसे टेलीफोन यदि पानी में डूब जाते हैं तो ये खराब हो जाएंगे.
वॉटरप्रूफ फीचर क्या है?
वॉटरप्रूफ डिवाइस ऐसे होते हैं जो पूरी तरह से पानी को अंदर आने से रोकते हैं. मतलब यदि कोई SmartPhone पूरी तरह से वॉटरप्रूफ है तो वह पानी में डूबने पर भी खराब नहीं होगा. ऐसे स्मार्टफोन्स जो IP68 या फिर IP69 रेटिंग के साथ आते हैं वो पूरी तरह से वॉटरप्रूफ होते हैं. वॉटरप्रूफ स्मार्टफोन्स एक खास तरह की सीलिंग, सामग्री और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके बनाए जाते हैं.
किसी भी टेलीफोन में मिलने वाले IP रेटिंग से ही पता चलता है कि वह कितना अधिक वॉटरप्रूफ है. आपको बता दें कि डेली रूटीन वर्क के लिए IPX4-IPX6 रेटिंग पर्याप्त होती है, लेकिन जब बात तैराकी या फिर बारिश में टेलीफोन इस्तेमाल करने की हो तो IPX7-IPX9K की आवश्यकता होती है.

