टाटा-एयरटेल के डीटीएच कारोबार में जुड़ेगा ये नया अध्याय
भारती एयरटेल अपने डीटीएच बिजनेस, एयरटेल डिजिटल टीवी को टाटा प्ले के साथ मर्ज करने जा रहा है. यदि यह मर्जर होता है तो 2016 में डिश टीवी के वीडियोकॉन डी2एच के साथ विलय के बाद हिंदुस्तान के डीटीएच सेक्टर में यह सबसे बड़ा मर्जर होगा.

न तो भारती एयरटेल और न ही टाटा संस ने विलय पर आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी की है, लेकिन सूत्रों से संकेत मिलता है कि घोषणा कुछ हफ्तों के भीतर आ सकती है. दोनों पक्ष महीनों से इसपर वार्ता कर रहे हैं. द इकोनॉमिक टाइम्स ने इसे लेकर एक रिपोर्ट पब्लिश की है.
मर्जर कैसे होगा?
यह मर्जर शेयरों की अदला-बदली के जरिए होगा. एयरटेल के पास 52-55% की बहुमत हिस्सेदारी होगी, जबकि टाटा संस और वॉल्ट डिज़नी सहित टाटा प्ले के शेयरहोल्डर्स 45-48% हिस्सेदारी रखेंगे. यह एक नॉन-बाइंडिंग डील होगी.
मर्जर क्यों हो रहा?
टाटा प्ले और एयरटेल के डिजिटल टीवी के मर्जर का निर्णय ऐसे समय लिया गया है जब लोग टीवी के बजाय औनलाइन वीडियो और लाइव स्ट्रीमिंग देखना पसंद कर रहे हैं. टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इण्डिया के अनुसार, DTH यूजर्स की संख्या FY24 में घटकर 6 करोड़ हो गई है, जो FY21 में 7 करोड़ थी.
मर्जर के बाद एयरटेल डिजिटल टीवी को टाटा प्ले के 1.9 करोड़ घरों और 50 लाख ब्रॉडबैंड ग्राहकों तक पहुंच मिलेगी. अभी इनके कंबाइन्ड सब्सक्राइबर्स की संख्या 3.5 करोड़ है. मर्जर के बाद बनी कंपनी के पास दूरसंचार ब्रॉडबैंड और डीटीएच को बंडल करके कई अधिक सेवाएं प्रदान करने की क्षमता होगी.
जॉइंट वेंचर में प्रारम्भ हुआ था टाटा प्ले
टाटा प्ले की आरंभ 2006 में रूपर्ट मर्डोक के न्यूज कॉर्प के साथ एक जॉइंट वेंचर के रूप में हुई थी. पहले इसका नाम टाटा स्काई थी. 2019 में जब वॉल्ट डिज्जी कंपनी ने मर्डोक की 21st सेंचुरी फॉक्स का अधिग्रहण किया, तो यह हिस्सेदारी उसके पास चली गई.
2008 में लॉन्च हुआ था एयरटेल टीवी
भारती एयरटेल लिमिटेड ने वर्ष 2008 में डायरेक्ट टू होम (डीटीएच) सैटेलाइट टीवी सर्विस ‘एयरटेल डिजिटल टीवी’ लॉन्च की थी. आरंभ में यह सर्विस 62 शहरों में 21,000 रिटेल आउटलेट के जरिए ग्राहकों के लिए मौजूद कराई गई थी

