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₹2700 से टूटकर ₹10 के नीचे आया यह शेयर

अनिल अंबानी की ऋण में डूबी कंपनी रिलायंस कैपिटल के बिक्री की प्रक्रिया में किसी ना किसी वजह से देरी हो रही है. दरअसल, रिलायंस कैपिटल (Reliance Capital) का अधिग्रहण हिंदुजा समूह की कंपनी इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स लिमिटेड (IIHL) ने की है. अब IIHL के चेयरमैन अशोक हिंदुजा ने कहा है कि उसे रिलायंस कैपिटल के 9,650 करोड़ रुपये के अधिग्रहण के लिए बीमा नियामक इरडा से अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है.

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क्या बोला चेयरमैन ने

IIHL के चेयरमैन ने बोला कि हम सौदे के लिए नवंबर से ही भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) के संपर्क में है. IIHL को जल्द से जल्द स्वीकृति मिलने की आशा है. अशोक हिंदुजा ने यह भी कहा कि IIHL इरडा की स्वीकृति के 48 घंटे के भीतर बोली राशि का भुगतान करके सौदा पूरा कर लेगी.

7,500 करोड़ रुपये का करार

अशोक हिंदुजा ने बोला कि IIHL ने अधिग्रहण के लिए बैंकों के एक समूह से 7,500 करोड़ रुपये का करार किया है. उन्होंने हालांकि फंड देने वाले बैंकों के बारे में कोई विवरण देने से इनकार किया. उन्होंने बोला कि एक प्रमुख बैंक है, जो समय आने पर पैसे का व्यवस्था करेगा. हिंदुजा ने बोला कि 2,000 करोड़ रुपये से अधिक के बाकी हिस्से का व्यवस्था IIHL करेगी.

क्या है मामला

रिलायंस कैपिटल की 9,650 करोड़ रुपये की खरीद प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाने के लिए राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण की 27 मई की समयसीमा समाप्त होने में तीन हफ्ते से कुछ अधिक समय बाकी है. बता दें कि रिलायंस कैपिटल भारी ऋण की वजह से दिवालिया प्रक्रिया से गुजरी है और इसे हिंदुजा समूह के IIHL ने सबसे बड़ी बोली लगाकर अपनी झोली में डाला.

शेयर का हाल

बता दें कि रिलायंस कैपिटल के शेयरों की ट्रेडिंग बंद है. कंपनी डी-लिस्टिंग प्रक्रिया से गुजर सकती है. करीब 15 वर्ष पहले ₹2700 के इस शेयर की वजह से निवेशक कंगाल हो गए क्योंकि इसका रेट टूटकर ₹10 से भी नीचे आ गया था. अब इस कंपनी की ट्रेडिंग ठप पड़ी है

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