निवेशकों में खलबली मचा रहा है 5 साल में करोड़ों का मुनाफा देने वाला ये शेयर
शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग जोखिम भरा माना जाता है, क्योंकि यह नहीं बोला जा सकता कि इसमें कौन सा शेयर निवेशक को एक झटके में कंगाल से अमीर बना देगा और अगले ही पल कब धराशायी हो जाएगा. ऐसा ही एक झटका कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की कंपनी पीजी इलेक्ट्रोप्लास्ट में निवेश करने वालों को लगा है. दरअसल, कंपनी के शेयर में केवल दो व्यवसायी दिनों में 33% की गिरावट आई है, जिससे निवेशकों में हड़कंप मची हुई है.

यह शेयर लगातार गिर रहा है
पीजी इलेक्ट्रोप्लास्ट शेयर पिछले हफ़्ते के अंतिम व्यवसायी दिन शेयर बाज़ार बंद होने से ठीक पहले बुरी तरह से टूट गया था और 20 फीसदी तक फिसल गया था. अचानक आई इस बड़ी गिरावट से निवेशकों में हड़कंप मच गई. हफ़्ते के पहले व्यवसायी दिन भी इस शेयर की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और खुलने के बाद पीजी इलेक्ट्रोप्लास्ट का शेयर गिरता ही चला गया. समाचार लिखे जाने तक यह लगभग 18 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था. इस तरह देखा जाए तो केवल दो व्यवसायी दिनों में ही इसमें 33 फीसदी की गिरावट आ चुकी है.
5 वर्ष में 10457% रिटर्न, अब खस्ता हालत
आपको बता दें कि पीजी इलेक्ट्रोप्लास्ट का शेयर एक मल्टीबैगर शेयर है और पिछले पाँच वर्षों में इस शेयर में निवेश करने वाले निवेशकों को 10,457 फीसदी का भारी-भरकम रिटर्न मिला है. 14 अगस्त 2020 को इस शेयर की मूल्य केवल 4.70 रुपये थी, जो हालिया गिरावट के बावजूद अब 491.80 रुपये है. इस मल्टीबैगर रिटर्न के हिसाब से, यदि किसी निवेशक ने पीजी इलेक्ट्रोप्लास्ट के शेयर में केवल 1,00,000 रुपये का निवेश किया होता, तो वह अब तक करोड़पति बन चुका होता और उसकी धनराशि बढ़कर 1,05,57,000 रुपये हो गई होती. लेकिन इस मल्टीबैगर शेयर में पिछले एक महीने से गिरावट जारी है और पिछले दो व्यवसायी दिनों में यह लगातार गिरा है. जिससे निवेशक दंग हैं. 14040 करोड़ रुपये के बाजार कैप वाली इस कंपनी का 52 हफ़्तों का उच्चतम स्तर 1054.20 रुपये रहा है, जबकि न्यूनतम स्तर 414.15 रुपये रहा है.
शेयर में गिरावट क्यों आई?
अब आपको बताते हैं कि इस शेयर में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई? तो बता दें कि पिछले हफ़्ते कंपनी ने पूरे वित्त साल के लिए अपने राजस्व वृद्धि अनुमान को कम कर दिया है. पीजी इलेक्ट्रोप्लास्ट ने अपने 7,200 करोड़ रुपये के अनुमान को घटाकर 6,550-6,650 करोड़ रुपये के बीच कर दिया है. कंपनी ने शुद्ध फायदा के अपने अनुमान को भी कम कर दिया है और मार्च तिमाही में इसके 405 करोड़ रुपये के बजाय 300 करोड़ रुपये से 310 करोड़ रुपये के बीच रहने की आसार जताई है.

