भारत में 1 मार्च से ट्रैफिक नियमों को कठोर कर दिया गया है. अब यातायात नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माने, कारावास की सजा और सामुदायिक सेवा जैसे दंड तय किए गए हैं. गवर्नमेंट का यह संदेश एकदम साफ है कि ट्रैफिक नियमों की अनदेखी अब महंगी पड़ेगी.
नशे में ड्राइविंग पर कोई रियायत नहीं
अगर कोई आदमी नशे में गाड़ी चलाते हुए पकड़ा जाता है, तो पहली बार के उल्लंघन पर 10,000 रुपये का जुर्माना और/या छह महीने की कारावास हो सकती है. वहीं, दोबारा यही गलती करने पर 15,000 रुपये का जुर्माना और दो वर्ष की कारावास की सजा होगी. पहले के नियमों में यह जुर्माना केवल 1,000 रुपये और 1,500 रुपये था. जिससे साफ है कि अब इस क्राइम को बहुत गंभीरता से लिया जाएगा.
गाड़ी चलाते समय मोबाइल इस्तेमाल करना पड़ेगा महंगा
मोबाइल टेलीफोन के कारण ध्यान भटकने की वजह से सड़क हादसे तेजी से बढ़ रहे हैं. इसे रोकने के लिए गवर्नमेंट ने गाड़ी चलाते समय मोबाइल टेलीफोन इस्तेमाल करने पर जुर्माना 500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दिया है. इससे साफ है कि इस ढिलाई को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
हेलमेट और सीट बेल्ट न लगाने पर भारी जुर्माना
अगर दोपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट पकड़ा जाता है, तो अब उसे 1,000 रुपये का जुर्माना देना होगा, जो पहले के 100 रुपये की तुलना में 10 गुना अधिक है. इसके अलावा, उसका ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है. इसी तरह, कार में बैठने वाले यात्रियों को भी अब सीट बेल्ट नहीं पहनने पर 1,000 रुपये का जुर्माना भरना होगा.
रेड लाइट जंप और ओवरलोडिंग पर भारी कार्रवाई
अगर कोई आदमी रेड लाइट जंप करता है, तो उसे 5,000 रुपये का जुर्माना देना होगा. वहीं, ओवरलोडिंग करने पर अब 20,000 रुपये तक का दंड लगाया जाएगा, जो पहले मात्र 2,000 रुपये था.
लापरवाह ड्राइविंग, ट्रिपल राइडिंग और रेसिंग पर कड़ी नजर
अगर कोई आदमी दोपहिया वाहन पर तीन सवारी बैठाकर चलता है, तो उसे 1,000 रुपये का जुर्माना देना होगा. घातक ढंग से गाड़ी चलाने या सड़क पर रेसिंग करने पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगेगा. इसके अलावा, यदि कोई एम्बुलेंस जैसी इमरजेंसी सेवा वाली गाड़ियों का रास्ता रोकता है, तो उसे 10,000 रुपये का दंड देना होगा.