ट्रंप के टैरिफ के फैसलों ने चकनाचूर किया क्रिप्टो मार्केट
अमेरिका में प्रेसिडेंट Donald Trump के कई राष्ट्रों पर भारी टैरिफ लगाने के निर्णय से मार्केट्स पर बड़ा असर हुआ है. क्रिप्टो बाजार में भी इससे भारी गिरावट है. बाजार कैपिटलाइजेशन के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin के प्राइस में छह फीसदी से अधिक का हानि था.

इस रिपोर्ट को पब्लिश किए जाने पर इंटरनेशनल क्रिप्टो एक्सचेंज Binance पर बिटकॉइन का प्राइस 6.70 फीसदी से अधिक घटकर लगभग 77,300 $ पर था. दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ether का प्राइस 15 फीसदी से अधिक गिरकर लगभग 1,512 $ पर था. इसके अतिरिक्त Cardano, Solana, XRP, Tron, Ripple और Cronos के प्राइस भी घटे हैं. पिछले एक दिन में क्रिप्टो का बाजार कैपिटलाइजेशन आठ फीसदी से अधिक कम होकर लगभग 2.46 लाख करोड़ $ पर था.
मार्केट एनालिस्ट्स का बोलना है कि अमेरिका की ओर से ट्रेड से जुड़े टैरिफ लगाए जाने के कारण क्रिप्टो बाजार पर नकारात्मक असर हुआ है. बिटकॉइन का प्राइस 80,000 $ से बड़े सपोर्ट से नीचे गिर गया है. अधिकांश क्रिप्टोकरेंसीज में काफी हानि है. इससे बाजार में मंदी की आरंभ का संकेत मिल रहा है. हालांकि, बिलिनेयर Mark Cuban ने बिकवाली नहीं करने की राय दी है क्योंकि मार्केट्स में रिकवरी होने का संकेत है. अमेरिका की क्रिप्टो होल्डिंग्स का खुलासा किया जाना है. यदि यह आंकड़ा मजबूत होता है तो बाजार में कुछ तेजी आ सकती है.
Ether में कुछ हफ्ते से मंदी का ट्रेंड है. हाल ही में व्हाइट हाउस के डिजिटल एसेट्स पर प्रेसिडेंट की एडवाइजर्स की काउंसिल के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर, Bo Hines ने कहा था कि अमेरिका की गवर्नमेंट बिटकॉइन जमा करने के लिए अपने गोल्ड के रिजर्व का इस्तेमाल करने के उपायों पर विचार कर रही है. उन्होंने बोला था, “अगर हम गोल्ड के रिजर्व पर प्रॉफिट को भुनाते हैं तो यह बिटकॉइन खरीदने का एक अच्छा तरीका होगा.” Hines ने सीनेटर Cynthia Lummis की ओर से पेश किए गए बिटकॉइन एक्ट का भी जिक्र किया था. इसमें लगभग 10 लाख बिटकॉइन खरीदने का पक्ष लिया गया है. यह बिटकॉइन की कुल सप्लाई का लगभग पांच फीसदी होगा. ट्रंप ने बिटकॉइन का स्ट्रैटेजिक रिजर्व बनाने के ऑर्डर पर भी साइन किए थे. अमेरिका के स्ट्रैटेजिक बिटकॉइन रिजर्व में गवर्नमेंट की ओर से बरामद किए गए बिटकॉइन शामिल होंगे.

