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अमेरिकी ऊर्जा सचिव को भा गया भारत का साथ और सहयोग, सरेआम कर दी ये अपील

अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने बुधवार को हिंदुस्तान की सराहना करते हुए उसे अमेरिका का “शानदार सहयोगी” करार दिया और बोला कि वह हिंदुस्तान के “बड़े प्रशंसक” हैं. उन्होंने दोनों राष्ट्रों के बीच ऊर्जा योगदान को और गहराने की आवश्यकता पर बल दिया.

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उनका यह बयान उस समय आया है जब मंगलवार को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी भारत-अमेरिका ऊर्जा व्यापार को विस्तार देने की अपील की थी. न्यूयॉर्क में आयोजित एक ऊर्जा सुरक्षा कार्यक्रम में गोयल ने परमाणु ऊर्जा को सस्ती स्वच्छ ऊर्जा विकल्प के रूप में योगदान बढ़ाने और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहन देने पर बल दिया.

राइट ने हिंदुस्तान के रूस से ऑयल खरीदने के मामले पर “तनाव” का जिक्र भी किया और बोला कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस युद्ध को खत्म करने के लिए अपने असर और साधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि यह युद्ध समाप्त हो. मुझे विश्वास है कि भारतीय भी यही चाहते हैं.

ऊर्जा सचिव ने साफ किया कि अमेरिका हिंदुस्तान के साथ प्राकृतिक गैस, कोयला, परमाणु ऊर्जा, स्वच्छ कुकिंग फ्यूल और तरल पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) जैसे क्षेत्रों में योगदान बढ़ाना चाहता है. उन्होंने कहा, “भारत ने इस क्षेत्र में गौरतलब काम किया है. हम हिंदुस्तान के साथ और अधिक ऊर्जा व्यापार और योगदान चाहते हैं.

इस बीच, मंगलवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी संकेत दिया कि ट्रंप प्रशासन हिंदुस्तान पर रूस से ऑयल खरीद को लेकर लगाए गए अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ को “सुधारने” के लिए तैयार हो सकता है. एनबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में रूबियो ने कहा, “हमने हिंदुस्तान पर जो अतिरिक्त शुल्क लगाए हैं, वह एक करीबी साझेदार है. हमें आशा है कि इसे ठीक किया जा सकता है.
एबीसी न्यूज से वार्ता में उन्होंने हिंदुस्तान को अमेरिका का “बहुत करीबी साझेदार” बताया. वहीं, संयुक्त देश महासभा के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को रूबियो से मुलाकात की. बैठक के बाद रूबियो ने बोला कि हिंदुस्तान उनके राष्ट्र के लिए “अत्यंत महत्वपूर्ण” है और व्यापार वार्ताओं का स्वागत किया.

जयशंकर ने भी एक्स पर पोस्ट किया, “हमारी वार्ता में कई द्विपक्षीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई. प्राथमिक क्षेत्रों में प्रगति के लिए लगातार संवाद की जरूरत पर सहमति बनी.

न्यूयॉर्क में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राइट ने हिंदुस्तान को “तेजी से बढ़ती ऊर्जा मांग वाला, गतिशील समाज” बताया. उन्होंने कहा, “जब मैंने अपना पद संभाला तो मेरा काफी समय हिंदुस्तान के साथ काम करने में बीता. हिंदुस्तान दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, अमेरिका का बहुत बढ़िया सहयोगी है, तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्था है और एक जीवंत समाज है, जहां समृद्धि और अवसर बढ़ने के साथ ऊर्जा की मांग भी तेजी से बढ़ रही है. मैं हिंदुस्तान का बड़ा प्रशंसक हूं. हम हिंदुस्तान से प्रेम करते हैं.

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