मोहाली में हुए प्लॉट घोटाले में प्रॉपर्टी कारोबारी को विजिलेंस ब्यूरो ने किया गिरफ्तार
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने पंजाब स्माॅल इंडस्ट्रीज एक्सपोर्ट कारपोरेशन (पीएसआईईसी) के औद्योगिक प्लॉट की अलॉटमेंट में हुए घोटाले के एक आरोपी को काबू किया . आरोपी की पहचान अवतार सिंह निवासी मॉडल टाउन लुधियाना के रूप में हुई. उसने सरकारी खजाने को सीधा 152
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ऐसे किया था प्लॉट के लिए खेल
अवतार सिंह और उसका बेटा दमनप्रीत सिंह जो कि औद्योगिक प्लाटों की खरीद फरोख्त का कारोबार करते हैं. उन्होंने सीजीएम सुरिंदरपाल सिंह और जीएम जेएस रंधावा के साथ मिल कर फेज-8बी इंडस्ट्रियल एरिया मोहाली में पीएसआईईसी के 1389 वर्ग गज के प्लाट नंबर ई- 261 को मैसर्ज सुखमनी इंटरप्राईजेज के नाम पर अलॉट करने में धोखाधड़ी की. दमनप्रीत सिंह के नाम पर चंडीगढ़ स्थित फर्जी पते का प्रयोग कर सिर्फ़ 1265 प्रति वर्ग गज मूल्य पर तारीख 13. 07. 2004 को उक्त प्लाट हासिल किया था.
प्लॉट की मूल्य चुकाने में किया खेल
पीएसआईईसी के नियमों और अलॉटमेंट पत्र के अनुसार, यदि अलाॅटमेंट के तीन महीनों के अंदर- अंदर अलाॅटी ( खरीदने वाले) द्वारा कुल धनराशि का 30 फीसदी भुगतान नहीं किया जाता तो प्लाॅट की अलॉटमेंट रद्द कर दी जानी चाहिए थी, लेकिन इस मुकदमा में ऐसा नहीं किया गया. इसके अतिरिक्त अवतार सिंह ने शुरुआती 10 प्रतिशत बयाना की धनराशि संचित करने के बाद पीएसआईईसी को अन्य कोई धनराशि संचित नहीं करवाई. इसके अतिरिक्त इस प्लाट की अलॉटमेंट की तारीख को बार- बार बदला गया.
दो ऑफिसरों से मिलकर किया था खेल
अवतार सिंह ने जीएम जेएस रंधावा और सीजेएम सुरिन्दरपाल सिंह की मिलीभुगत के साथ यह प्लाॅट 2016 में वास्तविक ख़रीद दर 1265 प्रति वर्ग गज़ पर आगे बेच दिया था . जबकि 2013 में इसकी मूल्य 11, 000 प्रति वर्ग गज थी. मुकदमा की जांच में पता लगा है कि पीएसआईईसी अधिकारियों/ कर्मचारियों और एक प्राॅपर्टी डीलर अवतार सिंह ने सरकारी खजाने को सीधे तौर पर 1 5279 000 रुपए का हानि पहुंचाया.

