अमेरिका ने टैरिफ पर अचानक पीछे क्यों लिए कदम, आखिर क्या है पूरा माजरा…
India-US Trade Deal: ट्रेड डील को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बेताब हो चुके हैं। प्रत्येक दिन टैरिफ वाला बम फोड़ रहे हैं। हिंदुस्तान समेत 69 राष्ट्रों पर कितना टैरिफ लगेगा, इसकी पूरी लिस्ट अमेरिका ने आज जारी की। इस बीच अमेरिका ने टैरिफ पर एक और चाल चली। डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रेड डील को लेकर अपने तेवर में थोड़ी नरमी लाई है। दरअसल, हिंदुस्तान समेत दुनिया के कई राष्ट्रों पर टैरिफ आज यानी 1 अगस्त से लगने वाला था। मगर अब यह 7 अगस्त से लागू होगा। फिलहाल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ को 7 दिनों के लिए टाल दिया है। अब प्रश्न है कि अमेरिका का यह निर्णय हिंदुस्तान समेत कई राष्ट्रों के लिए राहत है या फिर उसकी प्रेशर पॉलिटिक्स?

दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतिम मौके पर नरमी बरतते हुए हिंदुस्तान समेत 69 राष्ट्रों पर प्रस्तावित टैरिफ को सात दिन के लिए टाल दिया। पहले 1 अगस्त 2025 से लागू होने वाले टैरिफ अब 7 अगस्त से कारगर होंगे। यानी हिंदुस्तान को 7 दिनों की मोहलत मिल चुकी है। इस निर्णय को कुछ लोग राहत के तौर पर देख रहे हैं, तो कुछ इसे ट्रंप की प्रेशर पॉलिटिक्स वाली रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं। अब प्रश्न उठता है कि क्या ट्रंप टैरिफ का झांसा देकर हिंदुस्तान से अपने हिसाब का ट्रेड डील करवाना चाहते हैं?
ट्रंप स्वयं क्यों हैं बेताब
जवाब चाहे जो हो, मगर यह हकीकत है कि डोनाल्ड ट्रंप बेताब हैं। वह हताश हो चुके हैं। हिंदुस्तान और रूस की यारी देखकर फ्रस्ट्रेट हैं। एक तरह से कहिए तो हिंदुस्तान से चिढ़ चुके हैं। स्वयं अमेरिका भी यही मान रहा है। तभी तो रुबियो ने बोला कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तमाम कोशिशों के बावजूद हिंदुस्तान ने अपने दोस्त रूस से ऑयल खरीदना बंद नहीं किया, यही वजह है कि डोनाल्ड ट्रंप हिंदुस्तान से चिढ़े हुए हैं।
अमेरिका ने जारी की टैरिफ लिस्ट
बहरहाल, अमेरिका ने हिंदुस्तान पर 25 प्रतिशत का टैरिफ लगाया है। यह पाक (19 फीसदी) और बांग्लादेश (20 फीसदी) से अधिक है। टैरिफ वाले एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर ट्रंप ने आज हस्ताक्षर किए और सभी राष्ट्रों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की है। साथ ही टैरिफ की एक पूरी लिस्ट जारी की, जो वाशिंगटन पूरे विश्व के राष्ट्रों से निर्यात पर लगा रहा है। टैरिफ लागू करने की आखिरी तिथि एक अगस्त थी लेकिन नए शुल्क सात अगस्त से असर में आएंगे। अब प्रश्न है कि आखिर ट्रंप ने ऐसा निर्णय क्यों लिया?
ट्रंप ने क्यों खीचें कदम पीछे
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिका हिंदुस्तान के साथ स्वयं ट्रेड डील को लेकर बेताब है। वह अपनी शर्तों पर हिंदुस्तान से डील कर रहा है। हिंदुस्तान ही नहीं, अन्य राष्ट्रों को लेकर भी उसकी मंशा कुछ ऐसी ही है। मगर हिंदुस्तान ने साफ कर दिया है कि उसके लिए उसका नेशन फर्स्ट है। वह अपने राष्ट्र के भलाई को सर्वोपरि मानता है। इसलिए डोनाल्ड ट्रंप ने पहले 25 प्रतिशत का टैरिफ लगाया। उसके बाद जब उनसे पूछा गया कि क्या यह फाइनल टैरिफ है तो इस पर उनका उत्तर था कि फाइनल नहीं। वार्ता का दरवाजा खुला है। इसके बाद भी हिंदुस्तान ने उतना रेट नहीं दिया, जितना डोनाल्ड ट्रंप आशा कर रहे होंगे।
अब वार्ता करेगा अमेरिका?
यही वजह है कि एक बार फिर 1 अगस्त से ठीक पहले अमेरिका ने हिंदुस्तान समेत पूरे विश्व के 70 राष्ट्रों को टैरिफ से 7 दिनों की राहत दी। इसका मतलब 1 अगस्त से टैरिफ लागू नहीं होगा। 7 अगस्त तक की मोहलत का मतलब है कि अमेरिका ने ट्रेड डील के लिए वार्ता का दरवाजा खोला है। इस 7 दिनों में अमेरिका की प्रयास होगी कि ट्रेड डील पर वार्ता को आगे बढ़ाया जाए। बहरहाल, अमेरिका ने जो टैरिफ की घोषणा की है, उसमें सबसे अधिक टैरिफ सीरिया (41 फीसदी) पर लगाया है। और सबसे कम यूरोपीय यूनियन पर है।

