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क्या ईद पर खुले रहेंगे बंद…

देश भर के बैंक 31 मार्च, 2025 को जरूरी लेनदेन के लिए खुले रहेंगे. इस दिन वित्तीय साल 2024-25 का अंतिन दिन भी है. हालांकि 31 मार्च को ईद-उल-फितर के कारण हिंदुस्तान में सार्वजनिक अवकाश के रूप में नामित किया गया है.
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वित्तीय साल का क्लोजिंग डे होने के कारण आरबीआई (आरबीआई) ने सरकारी कारोबार का प्रबंधन करने वाले एजेंसी बैंकों को इस दिन काम करने का निर्देश दिया है. इस निर्देश का उद्देश्य करदाताओं की सहायता करना और वित्तीय साल के समाप्ति के समय वित्तीय परिचालन का सुचारू संचालन सुनिश्चित करना है.
सरकारी रसीदें और भुगतान से जुड़ी शाखाएँ अपने सामान्य बंद होने के समय तक खुली रहेंगी, और सरकारी चेक संग्रह के लिए विशेष समाशोधन कार्य संचालित किए जाएँगे. इन व्यवस्थाओं का समन्वय आरबीआई के भुगतान और निपटान प्रणाली विभाग द्वारा किया जाता है.
ईद-उल-फितर की छुट्टी के कारण हिमाचल प्रदेश और मिजोरम को छोड़कर अधिकतर भारतीय राज्यों में बैंक बंद रहने वाले थे. हालांकि, वित्तीय साल के अंत में बिना रुकावट वित्तीय सेवाओं की जरूरत को समझते हुए, आरबीआई ने जरूरी लेनदेन के लिए चुनिंदा शाखाओं को खुला रखने के लिए विशेष प्रावधान पेश किए. यह फैसला केंद्रीय बैंक की बिना रुकावट वित्तीय परिचालन बनाए रखने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां गवर्नमेंट से संबंधित व्यवसाय जरूरी है.
आयकर विभाग ने यह सुनिश्चित करने के लिए एक्टिव कदम उठाए हैं कि साल के अंत में कर-संबंधी गतिविधियां सुचारू रूप से जारी रहें. 26 मार्च, 2025 की एक प्रेस विज्ञप्ति में घोषणा की गई कि हिंदुस्तान भर में सभी इनकम टैक्स कार्यालय 29, 30 और 31 मार्च को चालू रहेंगे.
“वित्तीय साल 2024-25, 31 मार्च, 2025 (सोमवार) को खत्म होगा, जो एक बंद अवकाश है. इसके अलावा, 29 मार्च, 2025 शनिवार है और 30 मार्च, 2025 रविवार है. इसलिए, लंबित विभागीय कार्यों को पूरा करने की सुविधा के लिए, पूरे हिंदुस्तान में सभी इनकम टैक्स कार्यालय 29, 30 और 31 मार्च, 2025 को खुले रहेंगे. बयान में बोला गया है, “यह निर्देश इनकम टैक्स अधिनियम, 1961 की धारा 119 के अनुसार प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड द्वारा प्रशासनिक सुविधा के लिए जारी किया गया है.” इस फैसला से यह सुनिश्चित होगा कि करदाता बिना किसी बाधा के अपने वर्ष के अंत में फाइलिंग पूरी कर सकेंगे. करदाताओं को आखिरी समय में होने वाली समस्याओं से बचने के लिए अपने लेन-देन को पहले ही आखिरी रूप देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है.

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