ब्रिटिश नागरिक से शादी करके भी ज्यादा दिन तक सुहागन नहीं रह पाई थीं अचला सचदेव
हिंदी सिनेमा में ऐसे कई कलाकार हुए, जिन्होंने अपने भिन्न भिन्न अंदाज से छाप छोड़ी। कुछ तो सपोर्टिंग रोल में होने के बावजूद गहरा असर छोड़ने में सफल हुए। ऐसी ही एक अदाकारा थीं जिन्होंने रील लाइफ में कई बार आज्ञाकारी बच्चों की मां का रोल प्ले किया। मगर असल जीवन में वह बहुत तन्हा थीं। दो बार विवाह की मगर जीवनसाभी का सराहा न मिल सका। चलिए इस अदाकारा से रूबरू करवाते हैं।

ये कोई और नहीं, बल्कि देवानंद की ऑनस्क्रीन बहन अचला सचदेव हैं। जिनका गोल सा चेहरा और बड़ी सी मुस्कान भला कैसे कोई भूल सकता है। अब वह इस दुनिया में नहीं हैं। 30 अप्रैल 2012 को 91 वर्ष की उम्र में उन्होंने इस दुनिया को छोड़ दिया। मगर उनकी फिल्मों और उनके खास रोल को कोई आजतक नहीं भूला पाया है।
वक्त हो या दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे… जब जब वह स्क्रीन पर आईं वह छा गईं। कभी आरजू में राजेंद्र कुमार की मां, तो कभी किसी फिल्म में दादी।। ऐसे रोल्स में अधिक दिखाई दीं। मगर कभी उन्होंने करियर की आरंभ की थी ऑल इण्डिया रेडियो से। तब वह लाहौर रहा करती थीं। मगर बंटवारे के बाद वह दिल्ली आ गईं और जॉब करती रहीं। फिर वर्ष 1938 आते आते उन्होंने हिंदी सिनेमा में कदम रखा और उनकी पहली फिल्म बनी फैशनेबल वाइफ। इसके बाद करीब 250 फिल्मों में दिखाई दीं।
अचला सचदेव ने यश चोपड़ा की कई फिल्मों में काम किया
उनके करियर की एक और बात खास थी और वो ये कि यश चोपड़ा के प्रोडक्शन में बनी कई फिल्मों में उन्होंने कई बार काम किया। जैसे दाग, चांदनी और दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे। खैर इसके अतिरिक्त भी वह कई सुपरहिट फिल्मों का हिस्सा रहीं और जाने माने चेहरों के साथ काम करती रहीं।
अचला सचदेव की टूट गई पहली शादी
मगर अचला सचदेव की पर्सनल लाइफ काफी दर्दभरी थी। उन्होंने निजी जीवन में काफी दर्द झेले। उन्होंने पहली विवाह की ज्ञान सचदेव से की। दोनों का एक बेटा भी हुआ ज्योतिन सचदेव। मगर ये विवाह अधिक टिक न सकी और दोनों ने अलग होने का निर्णय लिया।
अचला सचदेव की दूसरी शादी
अचला सचदेव ने दूसरी विवाह क्लिफोर्ड डगलस पीटर्स से की, जो कि एक ब्रिटिश नागरिक थे और वह पुणे में रहा करते थे। मगर 2002 में क्लिफ का मृत्यु हो गया और एक बार फिर अचला की जीवन में दुख दर्द पसर गया।
अकेलेपन ने दिया दर्द
दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे में काजोल की दादी और देवानंद की फिल्म दिलरूबा में देवानंद की बहन का रोल प्ले करने वाली अचला की जीवन में बिल्कुल सन्नाटा पसर चुका था। क्योंकि पति गुजर गए थे और बेटा यूएसए में रहता था। कहते हैं कि वह मां की देखरेख भी नहीं करता था। वह पूना क्लब के पास कोणार्क एस्टेट अपार्टमेंट में 2 बेडरूम वाले घर में अकेली रहती थीं। वह पति के गुजरने के 12 वर्ष बाद तक यहां अकेली रहती थीं।
ऐ मेरी जोहरा जबीं वाली एक्ट्रेस
सॉन्ग ‘ऐ मेरी जोहरा जबीं’ की जान रहीं अचला के बेटे ने कभी उनकी सुध नहीं ली। उनकी एक अटेंडेंट वहां रहती थीं और उनका ख्याल रखती थीं। मगर कई बार ऐसा होता था कि बुढ़ापे के कारण वह गिर जाती। एक बार तो ऐसा ही हुआ। वह किचन से पानी लेने के लिए उठी लेकिन अचानक लड़खड़ाकर गिर गईं और उनकी जांघ की हड्डी टूट गई।
Achala Sachdev को क्या हुआ था
अंत में आते आते अचला की हालत और खराब हो गई। उनके ब्रेन में कई ब्लॉकेज हो गई। इसका नतीजा ये हुआ कि उन्हें लकवा मार गई और उनकी आंखों की रोशनी भी चली गई।
अंतिम संस्कार में आया था बेटा,
अचला सचदेव का आखिरी संस्कार कर्वे रोड स्थित वैकुंठ में किया गया। उनके आखिरी संस्कार में करीबी दोस्त और परिवार के लोग शामिल हुए। सचदेव के बेटे ज्योतिन पेनसिल्वेनिया के बेथलम में एक बिजनेस कंसल्टेंट हैं। भारतीय एक्सप्रेस के मुताबिक, मां के मृत्यु के बाद मीडिया से वार्ता करते हुए ज्योतिन ने बोला था,” मां के आखिरी संस्कार में 40 लोग शामिल हुए। मेरी मां की संपत्ति जनसेवा फाउंडेशन को सौंप दी गई है।”

