फ्लॉप फिल्मों को नजरअंदाज कर लगातार प्रगति कर रहे हैं अक्षय
हर आदमी के जीवन में अच्छा समय भी आता है और बुरा भी. लेकिन, खिलाड़ियों और कलाकारों के जीवन में आने वाला बुरा समय उन्हें अंदर तक तोड़ देता है. फिल्म कलाकारों के लिए उनकी फिल्मों का फ्लॉप होना बहुत दुखदायी होता है. दर्शक उनकी हर फिल्म पसंद नहीं करते. दिलीप कुमार, अमिताभ बच्चन, मीना कुमारी और माधुरी दीक्षित जैसे लोकप्रिय कलाकार भी इस दौर से गुजरे हैं.

आज के दौर के सलमान खान, आमिर खान और शाहरुख़ खान की भी कई फ़िल्में फ्लॉप हुई. यही इन दिनों अक्षय कुमार के साथ हो रहा है. जबकि, एक समय था जब अक्षय कुमार की हर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर धूम मचाती थी. उनका एक्शन देख उन्हें ‘खिलाड़ी कुमार’ नाम दिया गया. लेकिन, अब वो वक़्त नहीं रहा.
अपने डांस और एक्शन से दर्शकों के दिलों पर राज वाले इस कलाकार ने अपने कैरियर में कई हिट फ़िल्में दी. लेकिन, अचानक कुछ ऐसा हुआ कि उनकी फ़िल्में दर्शकों की पसंद से बाहर हो गई. कोविड-19 काल के बाद उनकी किसी फिल्म को अच्छी कामयाबी नहीं मिली. बड़े बजट की कई फ़िल्में बुरी तरह फ्लॉप हुई. केवल ‘ओएमजी-2’ और ‘स्त्री-2’ ही चली, पर इन दोनों फिल्मों में केंद्रीय किरदार में अक्षय नहीं हैं. उनकी अच्छी फ़िल्में भी दर्शकों को प्रभावित नहीं कर रही.
कंटेंट तो अच्छा, पर फ़िल्में नहीं चल रही
अक्षय कुमार की फिल्में लगातार फ्लॉप हो रही हैं. ‘सरफिरा’ को तो बहुत ख़राब रिस्पॉन्स मिला. इसके पहले बड़े मियां छोटे मियां, सम्राट पृथ्वीराज, मिशन रानीगंज, सेल्फी, राम-सेतु सभी फिल्में फ्लॉप रहीं. 2022 के बाद से उन्होंने केवल एक हिट फिल्म ‘ओएमजी-2’ दी. लेकिन, वो दरअसल उनकी फिल्म नहीं थी. अक्षय की किरदार समझने वालों का बोलना है कि अक्षय को अपना कैरियर बचाने के लिए कॉमेडी फिल्मों की आवश्यकता है. अगले वर्ष उनके पास वेलकम टू जंगल, हाउसफुल-5 और ‘हेरा-फेरी-3’ जैसे प्रोजेक्ट्स हैं. ये सीक्वल हैं. आश्चर्य है कि अक्षय की कई ऐसी फिल्में फ्लॉप हुई, जिनका कंटेंट अच्छा था. उनकी मिशन रानीगंज, सरफिरा अच्छी फिल्म है, पर नहीं चल सकी. संभव है कि दर्शक उनकी फिल्मों के एक जैसे कंटेंट से ऊब गए हों. हाल ही में आई उनकी फिल्म ‘सरफिरा’ तो सूर्या की तमिल फिल्म ‘सोरारई पोटरु’ का हिंदी रीमेक है, जिसके लिए अभिनेता को तो नेशनल अवॉर्ड भी मिला. मगर अक्षय कुमार की 100 करोड़ के बजट में बनी यह फिल्म अपनी लागत भी नहीं निकाल सकी.
अक्षय कुमार की फिल्में फ्लॉप क्यों
अक्षय कुमार की लगातार कई फिल्में फ्लॉप हुई, जिसे लेकर कई तरह के कयास लगाए गए. लेकिन, अक्षय के साथ कई फिल्में बना चुके डायरेक्टर अनीस बज्मी ने एक साक्षात्कार में बोला कि अक्षय बहुत ही टैलेंटेड अभिनेता हैं. ऐसा हर कलाकार के साथ होता है. कभी फिल्में चलती हैं कभी नहीं. वे डांस कर सकते हैं, कॉमेडी कर सकते हैं, एक्शन में भी उनका कोई जोड़ नहीं. लगता है कि अक्षय कई बार गलत लोगों को चुन लेते हैं, जो उनके टैलेंट का ठीक इस्तेमाल नहीं कर पाते . बज्मी ने अक्षय कुमार के साथ सिंह इज किंग, वेलकम और ‘थैंक्यू’ जैसी सफल फ़िल्में बनाई.
फ़िल्में फ्लॉप फिर भी काम भरपूर
अमूमन हर कलाकार के साथ हिट और फ्लॉप का दौर चलता है. अक्षय का कैरियर हमेशा ट्रैक से चढ़ता-उतरता रहा. किंतु, कई बार वे कई ऐसी फ़िल्में कर लेते हैं, जो उन्हें नहीं करना था. फ्लॉप के इस दौर में भी अक्षय कुमार के पास फ़िलहाल करीब 10 फिल्में हैं. इनमें सिंघम अगेन, स्काई फोर्स, वेलकम टू द जंगल, कन्नप्पा, शंकरा और ‘हेरा फेरी-3’ जैसी फिल्में हैं. इसके अतिरिक्त एक मराठी फिल्म भी है. अक्षय कुमार अच्छी कॉमेडी, एक्शन, रोमांस और पेट्रियोटिक भूमिकाओं में दिखाई देते हैं. अब बॉक्स ऑफिस पर उनका असर दमदार नहीं रहा. बड़े मियां छोटे मियां, मिशन रानीगंज, रामसेतु, सम्राट पृथ्वीराज, बच्चन पांडे और ‘सरफिरा’ जैसी फिल्में इतनी बुरी नहीं थी कि फ्लॉप हो, पर हो गई. पर अक्षय कुमार के पास फिल्मों की लाइन लगी है!
इन वजहों से फिल्मों की कमी नहीं
अक्षय की 4-5 फ़िल्में सीक्वल हैं. यानी उसी नाम से पहले फिल्म आ चुकी है और उसकी अगली कहानी पर फिर फिल्म आ रही है. यदि वे पिछली फिल्म में लीड रोल में थे, तो अगली में भी होंगे. इनमें हेराफेरी-3, वेलकम टू द जंगल और सिंघम अगेन जैसी फ़िल्में हैं. एक्शन फिल्मों को पसंद करने वालों की कमी नहीं. एक्शन हीरो की बात जाए तो अक्षय का नाम भी प्रमुखता से आएगा. अक्षय मार्शल आर्ट में भी पारंगत हैं.
असफलता के सकारात्मक पहलू से सीख
अक्षय कुमार का बोलना है कि इस असफलता का भी सकारात्मक पहलू देखना और सीखना होगा. हर असफलता आपको कामयाबी के अर्थ सिखाती है. सौभाग्य से मैंने अपने कैरियर में पहले ही इससे निपटना सीख लिया था. यह आपको दुख पहुंचाता और इफेक्ट भी करता है, लेकिन इससे फिल्म की किस्मत नहीं बदलेगी. अक्षय कुमार ने आगे बोला कि आपके बस में तो यही है कि स्वयं को और सुधारें और अगली फिल्म के लिए झोंक दें. मैं ऐसे ही अगली फिल्म के लिए आगे बढ़ता हूं. Covid-19 के बाद आए दर्शक अब सब फिल्में नहीं देखते. वे अधिक सिलेक्टिव हो गए हैं. अब मैं कंटेंट को लेकर और अधिक सावधान हो गया हूं.
अक्षय के कैरियर में पहले भी ऐसा दौर आ चुका है. उनकी केवल अकेले नायक वाली फ़िल्में ही नहीं, ऐसी फ़िल्में भी नहीं चल रही जो मल्टी स्टारर हैं. अक्षय ने अपनी फ्लॉप वाली छवि को पहले भी तोड़ा और उनकी फ़िल्में हिट हुई है. अक्षय अकसर प्रयोगात्मक फ़िल्में करते रहे हैं. ऐसी फिल्मों को स्वीकारने की जिद भी कई बार अक्षय की नाकामयाबी का कारण बनी.

