संगीतकार रमेश जुले के साथ हुआ बड़ा साइबर फ्रॉड
मुंबई,. प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीतकार रमेश जुले के साथ बड़ा साइबर फ्रॉड हुआ है. स्वयं को CBI अधिकारी बताने वाले एक अज्ञात शख्स ने वीडियो कॉल के जरिए उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया और करीब एक करोड़ दो लाख 60 हजार रुपये की ठगी कर ली. इस मुद्दे में मुंबई नॉर्थ साइबर पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध मुद्दा दर्ज कर जांच प्रारम्भ कर दी है.

नॉर्थ साइबर पुलिस के अनुसार, मंगलवार को रमेश जुले को एक वीडियो कॉल आया, जिसमें कॉलर ने स्वयं को CBI अधिकारी बताया. कॉल के दौरान उसने डीपी में CBI का लोगो लगाया था, जिससे संगीतकार को मुद्दा विश्वसनीय लगा और वह जाल में फंस गए.
फर्जी CBI अधिकारी ने रमेश जुले को कहा कि उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है, क्योंकि उनके नाम से आए एक पार्सल में बड़ी मात्रा में ड्रग्स मिला है. इस इल्जाम से घबराए गायक को करीब तीन घंटे तक कॉल पर रोके रखा गया. इस दौरान ठग ने धोखे से उनके बैंक एकाउंट से पूरी पूंजी ट्रांसफर करवा ली.
जब खाते से सभी पैसे निकल गए, तब गायक को साइबर ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने तुरंत मुंबई नॉर्थ साइबर सेल में कम्पलेन दर्ज कराई.
मुंबई साइबर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के विरुद्ध मुद्दा दर्ज कर लिया है और जांच में जुट गई है. पुलिस का मानना है कि यह संगठित साइबर क्राइम रैकेट का काम हो सकता है, जो लोगों को सीबीआई, पुलिस या अन्य सरकारी अधिकारी बनकर विश्वासघात देता है.
बता दें कि साइबर ठगी से बचने के लिए गवर्नमेंट लोगों को सजग करती रहती है. लोगों को राय दी जाती है कि वीडियो कॉल पर किसी अज्ञात आदमी की बातों में न आएं. कोई भी सरकारी अधिकारी डिजिटल अरेस्ट जैसी प्रक्रिया नहीं करता. अपने बैंकिंग और पर्सनल डिटेल्स किसी के साथ साझा न करें. यदि शक हो तो तुरंत पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें.

