डायन प्रथा पर आधारित फिल्म बिसाही का ट्रेलर हुआ लॉन्च
Bisaahee 2025: बेगुसराय के अभिनव ठाकुर द्वारा निर्देशित और डायन प्रथा पर आधारित फिल्म बिसाही (Bisaahee) का ट्रेलर गुरुवार को पटना के कॉम्प्लेक्स सिनेमा में लॉन्च किया गया। यह फिल्म 25 सितंबर को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। यह फिल्म भारतीय समाज में सदियों से चली आ रही डायन प्रथा की भयावह सच्चाई को दर्शाती है। फिल्म के निर्देशक अभिनव ठाकुर ने बोला कि बिसाही केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि समाज को जगाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने बोला कि यह फिल्म उन स्त्रियों की आवाज है, जिन्हें सदियों से इस अन्याय का शिकार होना पड़ रहा है। हमारा उद्देश्य है कि यह फिल्म लोगों को अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों पर सोचने के लिए प्रेरित करे, ताकि सामाजिक परिवर्तन की एक नयी आरंभ हो सके।

महिलाओं को बिसाही कह किया जाता है प्रताड़ित
फिल्म के निर्माता नरेंद्र पटेल ने कहा कि इस फिल्म का मुख्य उद्देश्य हर घर तक यह संदेश पहुंचाना है कि अंधविश्वास किसी की जीवन से बड़ा नहीं हो सकता। उन्होंने इस सामाजिक अभिशाप पर प्रकाश डालते हुए बोला कि किस तरह अंधविश्वास और षड्यंत्र के कारण बेगुनाह स्त्रियों को डायन या बिसाही कहकर प्रताड़ित किया जाता है। उन्होंने राष्ट्रीय क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों का हवाला देते हुए बोला कि इस कुप्रथा के कारण हर वर्ष दर्जनों महिलाएं अत्याचार और मर्डर का शिकार होती हैं। खासकर झारखंड में बीते एक दशक में सैकड़ों स्त्रियों ने अपनी जान गंवाई है।
कुप्रथा के विरुद्ध मजबूत संदेश देने का प्रयास
फिल्म की सराहना करते हुए यादवेंद्र ने बोला कि अक्सर गरीब स्त्रियों को ही डायन का ठप्पा लगाया जाता है और हम सभी इस जरूरी फिल्म का बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे हैं। मालूम हो कि, अभिनव ठाकुर सामाजिक मुद्दों पर फिल्में बनाने के लिए जाने जाते हैं। बिसाही (Bisaahee 2025) में रवि साहू मुख्य किरदार में हैं, जबकि राम सुजान सिंह, पूजा अग्रवाल, इंदु प्रसाद और गुजरात के लोकप्रिय कलाकार चहना पटेल, हार्दिक सोलंकी और पूजा रावल भी जरूरी भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह फिल्म समाज में जागरूकता फैलाने और इस कुप्रथा के विरुद्ध एक मजबूत संदेश देने का कोशिश है।
फिल्म निर्देशक के रूप में कैसे मिली पहचान?
बिहार के बेगूसराय से ताल्लुक रखने वाले अभिनव ठाकुर की कहानी स्वयं में एक फिल्म जैसी है। वे 8वीं कक्षा में मुंबई आए, बैंक की जॉब की, और फिर दोस्तों से उधार लेकर अपनी पहली शॉर्ट फिल्म ‘रामकली’ और ‘रेडियो’ बनाई। बाद में एफटीआईआई (FTII) में दाखिला लिया और पूरी तरह फिल्म निर्माण में कूद पड़े। बता दें कि, भिखारी ठाकुर के लौंडा नाच पर आधारित फिल्म द लिपस्टिक ब्वाय (TheLipstickBoy) से अभिनव को बड़ा ब्रेक मिला। मुम्बई फिल्म इंडस्ट्री के महानायक अमिताभ बच्चन ने ट्विटर पर फिल्म की सराहना की थी।

