मनोरंजन
फिल्म ‘नादानियां’ आज नेटफ्लिक्स पर हुई रिलीज
पटौदी खानदान के सबसे बड़े बेटे इब्राहिम अली खान ने मुम्बई फिल्म इंडस्ट्री में डेब्यू कर लिया है. उनकी डेब्यू फिल्म ‘नादानियां’ आज नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो गई है, जिसमें उनके साथ खुशी कपूर स्क्रीन शेयर करती नजर आ रही हैं. अब जहां एक तरफ मुम्बई फिल्म इंडस्ट्री एक नए स्टार किड के लॉन्च होने का उत्सव इंकार रहा है, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर लोग दूसरे दर्शकों को अपनी गलती दोहराने से बचने के लिए इब्राहिम की डेब्यू फिल्म न देखने की राय दे रहे हैं.

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नादानियां समीक्षा
इब्राहिम अली खान और खुशी कपूर की फिल्म ‘नादानियां’ में नयी जनरेशन वाला प्यार देखने को मिलेगा, लेकिन वहीं पुरानी मुम्बई फिल्म इंडस्ट्री कहानी के साथ, जहां दो अजनबी करीब आएंगे, फिर कहानी में ट्विस्ट आएगा और फिर अंत में सबकुछ ठीक हो जाएगा. फिल्म ‘नादानियां’ में भी यही सब है. 25 हजार सप्ताह पर इब्राहिम खुशी के बॉयफ्रेंड बन जाते हैं. फिर दोनों की स्टोरी में ट्विस्ट में आते हैं और अंत में सब ठीक हो जाता है.
नादानियां ट्विटर समीक्षा
दर्शकों को इब्राहिम और खुशी की फिल्म पसंद नहीं आई. उनके अनुसार फिल्म नीरस थी. एक यूजर ने फिल्म का रिव्यू देते हुए लिखा, ‘नेटफ्लिक्स पर नादानियां इतनी ठंडी, भावनाहीन और केमिस्ट्री-रहित है कि आप कहेंगे कि वास्तविक भाई-भतीजावाद ऐसा ही होता है.‘ एक अन्य ने लिखा, ‘नादानियां इतनी खराब है कि मैं इसे पसंद भी नहीं कर सकता. कोई फिल्म इतनी खराब कैसे हो सकती है, कोई प्लॉट नहीं, कोई कहानी नहीं, कोई एक्टिंग नहीं, हे भगवान.‘ एक अन्य ने टिप्पणी की, ‘अगर आपको एक्टिंग न करने का मास्टरक्लास चाहिए, तो नेटफ्लिक्स पर नादानियां देखें, ख़ुशी कपूर और इब्राहिम अली खान आपको बताएंगे कि किन चीज़ों से बचना चाहिए. साथ ही कोई मेरे दिमाग से इस नाक की आवाज़ को निकाल दे.‘
कुछ दर्शकों ने स्क्रीन पर खुशी कपूर के सुधार को नोट किया. एक समीक्षा में लिखा था, ‘नादानियां अच्छी निकली!! इब्राहिम अली खान की पहली फिल्म पसंद आई, खुशी कपूर भी हर फिल्म के साथ बेहतर होती जा रही हैं.‘ एक दर्शक ने यह भी बोला कि नादानियां कुछ कुछ होता है का आधुनिक संस्करण नहीं है, जैसा कि निर्माताओं द्वारा पहले प्रचार वीडियो में दिखाया गया था. ट्वीट में लिखा था, ‘नादानियां प्रारम्भ हुए 10 मिनट हो गए हैं और मैं इसे बर्दाश्त नहीं कर पा रहा हूँ. यह कोई कुछ कुछ होता है नहीं है.‘