गोविंदा ने एक इंटरव्यू में अपने संघर्ष को याद करते हुए कही ये बड़ी बात
गोविंदा का 90 के दशक में मुम्बई फिल्म इंडस्ट्री में ऐसा दबदबा था कि उन्हें हिंदी फिल्मों में कॉमेडी का पर्याय माना जाने लगा। गोविंदा भले ही कई वर्षों से फिल्मी पर्दे से दूर हैं, लेकिन यूट्यूब, विज्ञापन और ब्रांड प्रमोशन के जरिए आज भी लाखों कमाते हैं। एक समय पर दर्जनों फिल्में साइन करने के लिए प्रसिद्ध रहे गोविंदा का फिल्मी यात्रा कभी भी सरल नहीं था। आज गोविंदा आलीशान जीवन जीते हैं, लेकिन एक दौर ऐसा भी था, जब उनका परिवार पाई-पाई के लिए मोहताज था। अभिनेता ने पुराने साक्षात्कार में अपने संघर्ष को याद करते हुए उस दौर के बारे में बात की थी जब उन्हें किराने की दुकान के सामने घंटों खड़ा रहना पड़ता था।

बॉलीवुड के ‘हीरो नंबर 1’ ने अपने साक्षात्कार में कहा था कि उनका बचपन बदहाली और आर्थिक तंगी में गुजरा था। अभिनेता ने अपनी जीवन में ऐसा दौर भी देखा है जब उनके परिवार के पास एक समय का राशन खरीदने के पैसे भी नहीं हुआ करते थे और उन्हें राशन की दुकान से बार-बार उधार लेना पड़ता था। अभिनेता ने खुलासा किया था कि समय पर उधार न चुका पाने की वजह से दुकानदार उन्हें घंटों खड़ा रखता था।
घंटों करते डांस प्रैक्टिस
गोविंदा ने आर्थिक तंगी मिटाने के लिए जगह-जगह जॉब की तलाश भी की, लेकिन अंग्रेजी न आने की वजह से उन्हें कहीं जॉब नहीं मिल पाई। जॉब न मिलने के बाद, गोविंदा ने फिल्मों में किस्मत आजमाई। उन्होंने फिल्म ‘डिस्को डांसर’ देखकर फिल्मों में अभिनय का मन बनाया और वह घंटों डांस की प्रैक्टिस करने लगे। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें ऐड फिल्मों से ब्रेक मिल गया।
करोड़ों के हैं मालिक
गोविंदा पहली बार वर्ष 1986 में आई फिल्म ‘तन-बदन’ में अदाकारा खुशबू के अपोजिट नजर आए थे। फिल्मों में अपने बहुत बढ़िया डांस से उन्होंने दर्शकों पर कुछ ऐसी छाप छोड़ी थी कि आज भी वह अपने डांस के लिए ही जाने जाते हैं। मुम्बई फिल्म इंडस्ट्री में आज गोविंदा का स्टारडम भले ही ढल चुका है, लेकिन आज भी ये अभिनेता करोड़ों के मालिक हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो गोविंदा की कुल नेट वर्थ 170 करोड़ से अधिक है।

