महाकुंभ में हर्षा रिछारिया के माता-पिता ने इन मुद्दों पर खुलकर की बात
महाकुंभ में अपनी खूबसूरती के चलते फेमस हुई हर्षा रिछारिया के माता-पिता का बोलना है कि उनकी बेटी ने गुरु दीक्षा ली है, संन्यास नहीं लिया. एक मीडिया चैनल से वार्ता में मां किरण और पिता ने बोला कि हम जल्द ही बेटी की विवाह कर देंगे. उसके संबंध लगभग 2025 में फाइनल हो जाएंगे. यदि 2025 में विवाह न कर पाई तो 2026 में उसकी विवाह फाइनल हो जाएगी.

मां-पिता ने बोला कि बचपन से उसका रुझान आध्यात्म की ओर रहा है. बिना नहाए, पूजा पाठ किए, वह विद्यालय नहीं जाती थी. 10 वर्ष की उम्र से ही पूजा पाठ के बाद वह नाश्ता करती थी. आध्यात्म की ओर जाना हर किसी आदमी का कर्तव्य होना चाहिए और उसे जाना भी चाहिए.
हर्षा के माता पिता ने कहा- हम 2004 में उज्जैन कुंभ में नहाने आए थे. उसके बाद यहीं के होकर रह गए. उसने BBA की पढ़ाई यहीं की. फिर 19 वर्ष की उम्र में वह एंकरिंग की फील्ड में चली गई.
बच्चे ठीक रास्ते पर जाएं तो हस्तक्षेप न करें हर्षा के माता पिता ने कहा- आजकल बच्चे जन्मदिन पर लेट नाइट पार्टियां कर रहे हैं. लेकिन, हर्षा ने ऐसा कुछ नहीं किया. जन्मदिन जब भी मनाया मंदिर में जाकर मनाया. घर में कभी जन्मदिन भी नहीं मनाया. बच्चे यदि ठीक रास्ते पर जा रहे हैं तो मां-बाप को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए.
दो वर्ष पहले हर्षा ने गुरु दीक्षा ली मां ने बताया- हर्षा ने हरिद्वार में कैलाशानंद जी महाराज से अनुरोध किया तो उन्होंने 2 वर्ष पहले दीक्षा दी. वहीं रहकर उनके सानिध्य में उसने मंत्र, पूजा-पाठ आदि सीखा. महाकुंभ में जाने की बात उसने 30 दिसंबर को बताई. अपने पापा से टेलीफोन पर हर्षा ने बोला था कि हम गुरुजी के साथ महाकुंभ जा रहे हैं. लगभग 1 महीने रहकर वहीं कल्पवास करेंगे. हम दोनों ने इसकी इजाजत दे दी.
संन्यास की समाचार सुनी तो बहुत रोई थी मां ने कहा- हर्षा के कपड़े वही डिजाइन करती हैं. जब संन्यास की समाचार मैंने सुनी तो बहुत रोई. तुरंत उससे टेलीफोन कर बात की तो उसने सच्चाई बताई. हर्षा ने कहा कि उसने केवल दीक्षा ली है, संन्यास नहीं. भगवान की पूजा करना या दीक्षा लेना कोई गलत काम नहीं है. मां ने कहा- बेटी की ग्लैमरस लाइफ उसकी अलग थी, बाकी जब वह घर आती है तो वो ही खाना बनाती है.
वह दो से 4 वर्ष पहले अपने प्रोग्राम के हिसाब से कपड़े पहनती थी, लेकिन आज वह सब छोड़कर सनातन से जुड़ गई है. धर्म से जोड़ना है तो अमीर-गरीब, सुंदरता कुछ भी नहीं देखना है. यह अपना गुण होता है जो भगवान की तरफ ले जाता है. मुझे अपनी बेटी पर गर्व है.
ट्रोल करने वालों को मां-पिता ने उत्तर दिया हर्षा के ट्रोल होने पर मां ने कहा- ऐसा देखकर बहुत दुख होता है. जहां तक उसके पहनावे और तस्वीरों की बात है तो उसने सीरियल में काम किया है. एंकरिंग की है. मैं हर किसी से अनुरोध करती हूं कि प्लीज ऐसा मत करें. हर घर में बच्चे होते हैं. हर मां-बाप को यदि ऐसा कोई करता है तो कष्ट होता है.
उत्तराखंड में रहती हैं हर्षा, इंस्टाग्राम पर 10 लाख फॉलोअर्स हर्षा मूलरूप से मध्यप्रदेश के भोपाल की रहने वाली हैं, लेकिन उत्तराखंड में रहती हैं. वह पीले वस्त्र, रुद्राक्ष माला और माथे पर तिलक धारण करती हैं. उनके इंस्टाग्राम पर 10 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं. हर्षा इंस्टाग्राम पर धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट साझा करती हैं. वह निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज की शिष्या हैं.

