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Indian Police Force Review: पढ़ें वेब सीरीज का रिव्यू

मनोरंजन –  कॉप यूनिवर्स बनाने वाले डायरेक्टर रोहित शेट्टी की वेब सीरीज ‘इंडियन पुलिस फोर्स’ ओटीटी पर रिलीज हो गई है ‘इंडियन पुलिस फोर्स’ का नाम सुनते ही हमें अजय देवगन की ‘सिंघम’ याद आती है जिसमें रोहित शेट्टी का परफेक्ट अंदाज नजर आता है इमोशन्स हैं, एक्शन है, कॉमेडी है और कहानी भी है ऐसे में ‘भारतीय पुलिस बल’ से उम्मीदें बढ़ जाती हैं अब प्रश्न यह उठता है कि क्या रोहित शेट्टी की छोटे पर्दे की पुलिस यूनिवर्स लोगों की उम्मीदों पर खरी उतरी है या नहीं? पढ़ें वेब सीरीज का रिव्यू
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ऐसी है वेब सीरीज की कहानी
कबीर मलिक (सिद्धार्थ मल्होत्रा) एक दिल्ली पुलिस इंस्पेक्टर है जो इंस्पेक्टर विक्रम (विवेक ओबेरॉय) के अधीन काम करता है दिल्ली में एक के बाद एक कई धमाके होते हैं जिससे दिल्ली सहम जाती है हालांकि, आतंकवादी दिल्ली पुलिस की गिरफ्त से भाग जाते हैं नतीजा ये होता है कि दिल्ली के बाद हिंदुस्तान के दूसरे शहरों में भी धमाके होने लगते हैं ऐसे में कबीर और विक्रम, इंस्पेक्टर तारा शेट्टी (शिल्पा शेट्टी) और दिल्ली पुलिस टीम के साथ मिलकर मुद्दे की तह तक जाते हैं और ब्लास्ट के मास्टरमाइंड को पकड़ने की प्रयास करते हैं

सिद्धार्थ मल्होत्रा, शिल्पा शेट्टी और विवेक ओबेरॉय की तिकड़ी
पहली बार सिद्धार्थ मल्होत्रा, शिल्पा शेट्टी और विवेक ओबेरॉय एक साथ स्क्रीन पर नजर आए हैं वेब सीरीज की आरंभ में विवेक ओबेरॉय और सिद्धार्थ मल्होत्रा का एंट्री सीन काफी दिलचस्प है बैकग्राउंड में एक धमाका होता है और दोनों हीरो स्लो मोशन में एंट्री करते हैं इस सीन को 10 में से 10 नंबर मिलने चाहिए इस सीन की वजह से रोहित शेट्टी और ‘इंडियन पुलिस फोर्स’ से उम्मीदें बढ़ जाती हैं

रोहित शेट्टी का डायरेक्शन
हालाँकि, ‘इंडियन पुलिस फ़ोर्स’ देखने के बाद निराशा के अतिरिक्त कुछ नहीं लगता इसमें रोहित शेट्टी का अंदाज केवल पहले और अंतिम दो एपिसोड में ही देखने को मिलता है ऐसा लगता है कि रोहित शेट्टी ‘सिंघम अगेन’ बनाने में इतने व्यस्त थे कि उन्होंने बाकी चार एपिसोड का निर्देशन अपने सह-निर्देशक सुशांत प्रकाश को सौंप दिया था

यहां गलती हो गई
डायरेक्शन के साथ-साथ वेब सीरीज की कहानी और डायलॉग्स ने भी निराश किया है ऐसा लगता है कि लेखक ने यह कहानी जल्दबाजी में लिखी है इसमें न तो इमोशंस जोड़े गए हैं और न ही डायलॉग्स का तड़का लगाया गया है यहां तक कि तीन मुख्य किरदारों की कहानी भी अच्छे से नहीं बुनी गई हैइन सबके चलते आठ एपिसोड की ये वेब सीरीज काफी लंबी लगती है ऐसा लग रहा है कि कहानी को जबरदस्ती खींचा जा रहा है

देखा या नहीं?
अगर आपको रोहित शेट्टी का अंदाज पसंद है तो यह वेब सीरीज आपको निराश करेगी क्योंकि इसमें रोहित शेट्टी की सबसे पसंदीदा फिल्म ‘सिंघम’ जैसा कुछ नहीं है हां, यदि आपको शरद केलकर पसंद हैं तो आप यह वेब सीरीज देख सकते हैं उनका रोल छोटा है, लेकिन दमदार है

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