जानें, आखिर क्यों सुर्खियां बटोर रही हैं चंद्रिका टंडन…
भारतीय-अमेरिकी म्यूजिशियन और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने म्यूजिशियन एरु मात्सुमोतो और वाउटर केलरमैन के साथ मिलकर ‘त्रिवेणी’ नाम का एक कोलाब म्यूजिक एल्बम बनाया था। इस म्यूजिक एल्बम को चैंट कैटेगरी में ग्रैमी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। इससे पहले 2011 में हुए 53वें ग्रैमी अवॉर्ड में चंद्रिका टंडन को उनके चैंट एल्बम ‘ओम नमो नारायणा’ के लिए इसी कैटेगरी में नॉमिनेट कर दिया गया था। लेकिन उस वक़्त वो ये अवॉर्ड नहीं जीत नहीं सकी। इण्डिया के चेन्नई स्थित एक तमिल ब्राह्मण परिवार में जन्म लेने वाली चंद्रिका, पेप्सिको की पूर्व सीईओ इंद्रा नूई की बड़ी बहन हैं।

इतना ही नहीं गायक चंद्रिका की मां स्वयं एक संगीतकार रहीं और उनके पिता चेन्नई के एक बैंक में कार्य किया करते थे। वैसे तो परिवार की बड़ी बेटी होने के कारण 18 साल की आयु में ही चंद्रिका का शादी तय होने वाला था। लेकिन अपने दादा से प्रेरणा लेकर चंद्रिका ने आगे पढ़ने का मन बना लिया। चंद्रिका के इस फैसला से उनकी मां को किसी बजी प्रकार की कोई ख़ुशी नहीं थी। लेकिन दो दिन भूख हड़ताल के पश्चात आखिरकार चंद्रिका को उनके परिवार ने चेन्नई के मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज में पढाई करने की स्वीकृति दे दी। चंद्रिका के दादाजी चेन्नई में न्यायधीश के पड़ पर काम करते थे, उन्हें भी अपने दादा की तरह न्यायधीश बनना था, लेकिन उनका टैलेंट और मार्क्स देख उन्हें उनके टीचर ने IIM जैसे इंस्टीट्यूट से बिजनेस की पढाई करने के लिए बोल दिया। जब IIM अहमदाबाद में चंद्रिका ने बिजनेस की पढाई प्रारम्भ की, तब उनकी क्लास में केवल 8 लड़कियां थी। ग्रेजुएट हो जाने के बाद चंद्रिका को न्यूयॉर्क में नौकरी मिली और तब से उन्होंने अमेरिका में ही अपना घर बसाने का निर्णय कर दिया।
आज भी अपनी भारतीय संस्कृति को नहीं भूलीं चंद्रिका: बिजनेस को ही अपना सबा कुछ मानकर आगे बढ़ने वाली चंद्रिका ने अपने ससुर के 90वें जन्मदिन पर ‘ओम नमो नारायणा’ मंत्र का एक चैंट म्यूजिक बना दिया और स्टूडियो में जाकर उन्होंने स्वयं इस म्यूजिक की रिकॉर्डिंग करने का मन बनाया। आगे उन्होंने इसी रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल ‘सोल कॉल’ नाम का पूरा म्यूजिक एल्बम बना डाला और उनका ये पहला ही एल्बम साल 2011 में 53वें ग्रैमी अवार्ड के लिए नॉमिनेट कर दिया गया। अपने करियर में चंद्रिका ने लैटिन और जैज म्यूजिक का इस्तेमाल करते हुए ‘सोल मार्च’ नाम का एल्बम बनाया। ये म्यूजिक एल्बम महात्मा गांधी की दांडी यात्रा से जुड़ा हुआ था। 9 राग के साथ बने उनके ‘ओम नमः शिवाय’ के चैंट एल्बम को भी लोगों ने बहुत ही पसंद किया।
तीन आर्टिस्ट से बना ‘त्रिवेणी’: जिस ‘त्रिवेणी’ एल्बम के लिए चंद्रिका को ग्रैमी अवार्ड से नवाजा गया है, उस एल्बम में साउथ अफ्रीका के बांसुरीवादक वाउटर केलरमैन और जापानी-अमेरिकी सेलिस्ट एरु मात्सुमोतो ने भी चंद्रिका के साथ ही थे। इस म्यूजिक में चंद्रिका ने भारतीय पॉप, भारतीय इंडी, न्यूज एज और भारतीय फोक संगीत को भी इसमें शामिल किया गया है। चैंट कैटेगरी में चंद्रिका का मुकाबला रिकी केज, राधिका वेकारिया और अनुष्का शंकर जैसे भारतीय कलाकारों के साथ ही रहा। लेकिन उन सबको पीछे छोड़कर उन्होंने ये अवॉर्ड को अपने नाम करने में सफलता हासिल कर ली। सलवार सूट पहनकर ग्रैमी अवॉर्ड के मंच पर अवॉर्ड लेने आईं चंद्रिका ने अपने इस ट्रेडिशनल लुक से भी भारतीय फैंस का दिल जीता।

